सामना संवाददाता / नई दिल्ली
‘चोर हमें डांट रहे हैं, मैडम इनका बंदोबस्त करना चाहिए!’ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के इस तीखे तंज ने विपक्ष की प्रतीकात्मक संसद में चुनाव आयोग के खिलाफ राजनीतिक हमले को नई धार दे दी। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आयोजित ‘जन महाभियोग’ की कार्यवाही में खड़गे ने पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार को संबोधित करते हुए यह टिप्पणी की। उनका निशाना चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाने वाले विपक्ष को ही कटघरे में खड़ा किए जाने पर था।
खड़गे ने आरोप लगाया कि मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ियों और लोकतांत्रिक अधिकारों पर उठते सवालों का जवाब देने के बजाय विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश हो रही है। उन्होंने चुनाव आयोग की जवाबदेही और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा का मुद्दा जोरदार ढंग से उठाया। विपक्ष की यह ‘मॉक संसद’ कोई संवैधानिक महाभियोग प्रक्रिया नहीं, बल्कि चुनाव आयोग के खिलाफ प्रतीकात्मक राजनीतिक विरोध था। भाजपा विपक्ष के आरोपों को खारिज करती रही है। लेकिन खड़गे की इस टिप्पणी ने पूरे टकराव को एक तीखा राजनीतिक सवाल दे दिया। जिन संस्थाओं से जवाब मांगा जा रहा है, क्या वे जवाब देंगी या सवाल पूछने वालों को ही कटघरे में खड़ा किया जाएगा?
