– राणाप्रताप कॉलेज में संगोष्ठी
सामना संवाददाता / सुल्तानपुर
अनुसंधान विषय का चयन एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है जिसमें ज्ञान के क्षेत्र में अंतर को पहचानकर कुछ नया और मौलिक योगदान देना होता है।शोधकर्ता अनुसंधान क्षेत्र में नया योगदान करें इसके लिए शोध में ईमानदारी और अकादमिक नैतिकता बनाए रखना जरूरी है। ये कहना है यह राणाप्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय के हिंदी विभागाध्यक्ष प्रोफेसर इन्द्रमणि कुमार का। शुक्रवार को वे विभाग शिक्षण कक्ष में ‘अनुसंधान विषय चयन, लेखन एवं मौलिकता’ विषय पर आयोजित संगोष्ठी को बतौर मुख्य वक्ता सम्बोधित कर रहे थे। विषय प्रवर्तन करते हुए असिस्टेंट प्रोफेसर ज्ञानेन्द्र विक्रम ने कहा कि एक अच्छा अनुसंधान विषय शोधकर्ता के ज्ञान की वृद्धि तो करता ही है, अकादमिक जगत में मान्यता मिलने की संभावना भी बढ़ाता है। यह ध्यान रखना चाहिए कि विषय वर्तमान समय में महत्वपूर्ण हो।
प्रोफेसर रंजना पटेल ने कहा शोध के लिए ऐसा विषय चुनें, जिसमें आपकी गहरी रुचि हो ताकि आप गहराई से विश्लेषण कर सकें। उन क्षेत्रों या प्रश्नों को खोजें जिन्हें पिछले अध्ययनों में नजरअंदाज किया गया है। आभार ज्ञापन डॉ विभा सिंह ने किया। इस अवसर पर हिंदी विभाग के शोध व परास्नातक विद्यार्थी उपस्थित रहे।
