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चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली से साफ है … देश में लोकतंत्र हो रहा है खत्म!-आदित्य ठाकरे की दो टूक

सामना संवाददाता / मुंबई
पश्चिम बंगाल में कल बुधवार को विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण का मतदान हुआ। इस दौरान कई जगहों से मतदाताओं और सुरक्षा बलों के बीच झड़प की खबरें सामने आई हैं। बताया जा रहा है कि अनेक मतदाता अपने मतदान के अधिकार से वंचित रह गए, वहीं कई लोगों ने उन पर दबाव बनाए जाने के आरोप भी लगाए हैं। इन घटनाओं पर शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) नेता व युवासेनाप्रमुख आदित्य ठाकरे ने कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि देश में लोकतंत्र खत्म हो रहा है और यह बात चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली से साफ साबित होती है।
इस मुद्दे पर आदित्य ठाकरे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि पश्चिम बंगाल का स्वाभिमान सत्ता हासिल करने की लालसा से लड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो देश कभी लोकतांत्रिक था, वहां आज पश्चिम बंगाल के नागरिकों पर अत्याचार हो रहा है और लाखों लोगों को उनके वोट देने के अधिकार से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने चुनाव आयोग पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि एक खास पार्टी को जिताने के लिए बंगाल के लोगों को बंदूक के दम पर डराने की कोशिश की जा रही है। आदित्य ठाकरे ने यह भी कहा कि देश की सुरक्षा और अशांत क्षेत्रों में शांति बनाए रखने के बजाय, बंगाल को डराने के लिए बड़ी संख्या में केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि बंगाल के साथ ऐसा व्यवहार क्यों किया जा रहा है, जैसे वह किसी विदेशी हमले के अधीन राज्य हो? उन्होंने कहा कि ऐसा भारत कभी नहीं था और यह लोकतंत्र भी वैसा नहीं है जैसा होना चाहिए। आदित्य ठाकरे ने आरोप लगाया कि किसी राज्य पर नियंत्रण पाने के लिए संस्थाओं, केंद्रीय एजेंसियों और सुरक्षा बलों का दुरुपयोग किया जा रहा है।

‘देश के मूल आदर्शों का सवाल’
पश्चिम बंगाल की जनता इस लालच और राज्य-विरोधी ताकतों को करारा जवाब देगी। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा सिर्फ एक महिला का नहीं है, बल्कि यह बंगाल, उसके स्वाभिमान और देश के मूल आदर्शों का सवाल है। साथ ही यह भी देश की वैश्विक छवि और एक लोकतांत्रिक राष्ट्र के रूप में उसकी विश्वसनीयता से जुड़ा हुआ मामला है।

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