मुख्यपृष्ठस्तंभमुस्लिम वर्ल्ड : ट्रंप से पहले चीन पहुंचे अरागची... आखिर क्या खिचड़ी...

मुस्लिम वर्ल्ड : ट्रंप से पहले चीन पहुंचे अरागची… आखिर क्या खिचड़ी पक रही?

सूफी खान

होर्मुज पर ईरान की जबरदस्त पकड़ और ढीली होती अमेरिका की पकड़ के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची बुधवार को चीन में थे। जानकार कहते हैं कि अमेरिका के साथ चल रहे तनावपूर्ण सीजफायर का फायदा ईरान अपनी पोजीशन मजबूत करने में उठा रहा है। ईरान के विदेश मंत्री अपने दोस्त मुल्कों के ताबड़तोड़ दौरे कर रहे हैं।
बुधवार को वह एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ चीन की राजधानी बीजिंग पहुंचे। विदेश मंत्री अब्बास अरागची ऐसे वक्त में चीन पहुंचे, जब १४ मई को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का भी चीन दौरा प्रस्तावित है।
एक्सपर्ट्स कहते हैं कि ट्रंप अगर चीन जाते हैं तो एक ऐसी स्थिति में जाएंगे, जब अमेरिका ईरान के साथ जंग में मिडिल ईस्ट में खासा नुकसान उठा चुका है। पहले ट्रंप का चीन दौरा मार्च में निर्धारित था। जानकारों के मुताबिक, ट्रंप की सोच रही होगी कि हफ्ते भर में ईरान का हाल वेनेजुएला जैसा कर देंगे, फिर जाकर अपने प्रतिद्वंव्दी चीन में माहौल बनाएंगे। लेकिन तमाम धमकियों, हमलों, चेतावनियों और समयसीमा के बावजूद ईरान के साथ एक भी चीज ट्रंप की पसंद की नहीं हो पाई।
ऐसी कमजोर स्थिति में अमेरिकी राष्ट्रपति का चीन जाना और चीन व ईरान का पहले से ही मजबूती के साथ खड़े रहना ट्रंप के लिए असहज स्थिति बना सकता है। यह भी संभव है कि फिलहाल ट्रंप का चीन दौरा टाल दिया जाए।
अमेरिका भी इन घटनाक्रमों पर बारीकी से नजर रखे हुए है। अमेरिकी सीनेटर मार्को रूबियो ने चीन से आग्रह किया था कि वह ईरान पर दबाव डाले, ताकि वह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अपना नियंत्रण कम करे। रूबियो ने कहा कि ईरान की मौजूदा रणनीति उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग कर सकती है। गौरतलब है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जिससे होकर वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस बात की पूरी आशंका है कि अमेरिका और इजरायल मिलकर फिर से ईरान पर हमला कर सकते हैं, क्योंकि वे ईरान की तरह सब्र नहीं रख सकते और न ही नुकसान बर्दाश्त कर सकते हैं। इजरायल भी चाहता है कि अमेरिका किसी न किसी रूप में जंग के दलदल में फंसा रहे। हालांकि, ईरान ने ताकत और कूटनीति दोनों स्तरों पर सीजफायर के समय का भरपूर इस्तेमाल किया है। अरागची का चीन दौरा इसी क्रम में अपने दोस्त देशों के साथ ईरान की मुश्किल वक्त में साझेदारी और समर्थन को दर्शाता है।

अन्य समाचार

प्रलय!