मुख्यपृष्ठग्लैमरवापसी करना कभी आसान नहीं होता!- कविता पौडवाल

वापसी करना कभी आसान नहीं होता!- कविता पौडवाल

कविता पौडवाल, अनुराधा पौडवाल और संगीतकार अरुण पौडवाल की बेटी हैं। मातृ दिवस पर कविता ने बताया कि उनकी मां से उनका रिश्ता प्रेम, सम्मान और संगीत की प्रेरणा से भरा है। अनुराधा पौडवाल की प्रसिद्धि के बावजूद कविता ने भक्ति संगीत में अपनी अलग पहचान बनाई। ‘कीर्तन क्लब’ के माध्यम से वह देशभर में भक्ति संगीत का प्रचार कर रही हैं। शास्त्रीय संगीत में प्रशिक्षित कविता ने फिल्मों में भी गाया और ४० से अधिक भक्ति एल्बम जारी किए हैं। पेश हैं, कविता पौडवाल से पूजा सामंत की हुई बातचीत के प्रमुख अंश-

कीर्तन क्लब की प्रेरणा आपको कैसे सूझी? इसके पीछे प्रेरणा क्या थी?
‘कीर्तन क्लब’ मेरे लिए केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि ईश्वर और आध्यात्मिकता से जुड़ने का माध्यम है। पिछले २० वर्षों से हम भजनों के जरिए लोगों को जोड़ रहे हैं। इसका उद्देश्य तीनों पीढ़ियों को एक साथ लाकर आनंद, ऊर्जा और भक्ति से भरपूर ऐसा आध्यात्मिक अनुभव देना है, जिससे हर कोई जुड़ सके।

इसकी अनूठी विशेषता क्या है?
कीर्तन क्लब न तो कोई पारंपरिक सत्संग है और न ही महज क्लबिंग-यह दोनों का एक खूबसूरत मिश्रण है। इसमें गिटार, ड्रम और ढोल तो हैं, लेकिन इसकी आत्मा पूरी तरह से भारतीय है। हर कोई इसका हिस्सा बन जाता है-गाना, ताली बजाना और यहां तक कि नाचना भी। इससे एक सामूहिक ऊर्जा का सृजन होता है, जहां भक्ति और भी जीवंत और उत्सवपूर्ण महसूस होती है।

आप क्या चाहती हैं कि लोग यहां से क्या अनुभव लेकर जाएं?
मैं चाहती हूं कि लोग यहां से आनंद, सकारात्मकता और मन की शांति लेकर जाएं। शांति नहीं, बल्कि आनंद! उन्हें ऐसा महसूस होना चाहिए कि वे किसी से जुड़े हैं और भावनात्मक रूप से तरोताजा हो गए हैं।

क्या अनुराधाजी की बेटी होने से आपने कोई प्रेशर महसूस किया ?
हां, लोगों की उम्मीदें बेशक बहुत ज्यादा हैं। लेकिन मेरी मां अनुराधा पौडवाल मेरे लिए आशीर्वाद हैं। उनकी प्रसिद्धि ने मुझे जिम्मेदारी दी, लेकिन साथ ही मजबूत संस्कार और मार्गदर्शन भी मिला। उन्होंने हमें अनुशासन, प्रेम, सम्मान और मेहनत की सीख दी। दुनिया उन्हें महान गायिका मानती है, लेकिन एक मां के रूप में उनकी महानता को सिर्फ मैं ही महसूस कर सकती हूं।

अनुराधाजी एक मां के रूप में कैसी हैं? आपका उनसे कैसा रिश्ता है?
वह बहुत सरल, सहज और गहरी आध्यात्मिक हैं। हमारा रिश्ता बहुत घनिष्ठ और मैत्रीपूर्ण है। मैं जो भी नया गाना बनाती हूं, उसे सबसे पहले अपनी मां को सुनाती हूं। उनकी राय मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

अन्य समाचार