मुख्यपृष्ठस्तंभगर्मी में सुरक्षित और राहत कैसे पायें?

गर्मी में सुरक्षित और राहत कैसे पायें?

डॉ धीरज फूलमती सिंह
अप्रैल में मुंबई की गर्मी अब दहलीज तक पहुंच चुकी है। मई में तो आग बरसना तय है। गर्मी एक ऐसा मौसम है जिसमें बच्चे बहुत खूश होते हां क्योंकि स्कूल की छुट्टियां होने से उनको पढाई से निजात मिलती है। यही गर्मी का मौसम जीवन की फिलॉसफी भी बताता है। कहते हैं, बसंत सबसे सुंदर और सुहाना मौसम होता है। शायद ही कोई विश्वास करेगा कि झुलसती गर्मी न हो तो झमाझम बारीश भी नहीं होगी। गर्मी का मौसम फसलों की कटाई और जीवन के गीत का मौसम होता है। गर्मी के कारण ही फसल पकती है,खाने योग्य बनती है। इस मौसम में विषैले कीट पतंगे नष्ट हो जाते हैं।
जैसे-जैसे गर्मियों में सूरज की तपिश बढ़ती है, वैसे-वैसे गर्मी से जुड़ी बीमारियों का खतरा भी बढ़ता जाता है। हर साल, ज्यादा से ज्यादा लोग हीट स्ट्रोक और हीट थकावट से प्रभावित होते हैं, समय रहते इनका इलाज न किया जाए तो ये जानलेवा भी हो सकती हैं। गर्मी श्राप के तौर पर लूं भी देती है, इस दौरान असमय ही अनेक लोग काल के गाल में समा जाते हैं। ग्रीष्म ऋतु साल का सबसे गर्म मौसम होता है, गर्मी का मौसम दस्तक दे चुका है, ऐसे में अब हमें अतिरिक्त सावधान हो जाना होगा, खासकर बच्चों और बुजुर्गों वार पर ज्यादा ध्यान देना होगा।
– पहनावे की बात करें तो गर्मी के मौसम के दौरान हमें आरामदायक सूती कपड़े पहनने चाहिए। हमें गर्मी की ऊष्मा से बचने के लिए ठंडे पदार्थों का सेवन करना चाहिए। हमें पूरे मौसम में स्वस्थ और तंदुरुस्त रहने के लिए बहुत सी सावधानियां रखनी चाहिए।
– दोपहर के समय सूरज सर पर होने से गर्मी अधिक महसूस होती है, ऐसे में कोशिश यह होनी चाहिए कि सुबह ११ बजे से दोपहर ४ बजे के बीच बाहर निकलने से परहेज करें। किसी जरूरी काम की वजह से निकलने की नौबत आ भी जाए तो सन स्क्रीन लगा कर निकलें। गमछा या गीला तौलिया इस्तेमाल करें, छतरी और टोपी का प्रयोग करें।
– गर्मी के मौसम में खानपान में साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखें, बाहर का तला, भुना, मसालेदार और खुला भोजन करने से बचे। इस मौसम में बासी, दूषित खाने या पानी से बीमार होने का खतरा कुछ अधिक ही होता है।
– गर्मी के मौसम में अधिक से अधिक तरल पदार्थ का सेवन करें। पानी ज्यादा से ज्यादा पीएं! डायबिटीज मरीजों को बहुत ज्यादा प्यास और पेशाब लगती है। वे इस बात का ध्यान रखें कि शरीर में पानी की मात्रा किसी भी हालत में कम न हो। एक दिन में औसतन ४ लीटर पानी या नींबू पानी जरुर पीएं! छाछ, लस्सी,शर्बत, आम पना, बेल या सत्तू एवं शर्बत भी बहुत फायदेमंद होता है।
– गर्मी के मौसम में तापमान की अधिकता और पानी की कमी के कारण जठराग्नि धीमी हो जाती है।

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