सुरेश गोलानी / मुंबई
उत्तन के मछुआरों ने अरब सागर में तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम लिमिटेड (ओएनजीसी) द्वारा स्थापित मानवरहित वेलहेड प्लेटफॉर्म पर चेतावनी (वॉर्निंग) लाइट, सूचना फलक और रेडियम नेविगेटिंग (मार्गदर्शक) मार्विंâग लगाने की मांग की है।
मत्स्यव्यवसाय विभाग (पालघर) के सहायक आयुक्त को लिखे पत्र में उत्तन-पाली मच्छीमार सहकारी सोसायटी के संस्थापक बर्नार्ड डिमेलो ने ओएनजीसी के मानवरहित वेलहेड प्लेटफॉर्म पर रेडियम मार्किंग और प्रभावशाली वॉर्निंग लाइट सिस्टम लागू नहीं होने की जानकारी दी। उन्होंने इसके कारण संभावित दुर्घटनाओं की आशंका भी जताई।
रेडियम मार्विंâग और प्रभावशाली वॉर्निंग लाइट सिस्टम लागू करने की मांग करते हुए डिमेलो ने बताया कि ७ मई की रात उत्तन-डोंगरी की एक मछली पकड़ने वाली नौका वापसी के दौरान टंडेल (कप्तान/चालक) की सूझबूझ से प्लेटफॉर्म से टकराने से बच गई, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
डिमेलो के अनुसार, कम रोशनी या रात के समय दुर्घटनाओं की संभावना काफी बढ़ जाती है। इसलिए यह जरूरी है कि मानवरहित वेलहेड प्लेटफॉर्म पर चेतावनी लाइट, सूचना फलक और रेडियम नेविगेटिंग (मार्गदर्शक) मार्विंâग तुरंत लगाई जाए।
ज्ञात हो कि मानवरहित वेलहेड प्लेटफॉर्म समुद्र में तेल और गैस उत्पादन के लिए उपयोग की जाने वाली अत्यंत संवेदनशील स्वचालित संरचनाएं हैं। ये प्लेटफॉर्म स्वचालित रूप से काम करते हैं और इन्हें दूरस्थ (रीमोटली) रूप से नियंत्रित किया जाता है। इनकी निगरानी केंद्रीकृत सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डाटा एक्विजिशन प्रणाली के माध्यम से हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर की मदद से की जाती है।
