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पेट्रोल-डीजल महंगाई का नया झटका जल्द …१५ मई से पहले ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना तेज

सामना संवाददाता / मुंबई
देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में जल्द बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, 15 मई से पहले ईंधन के दाम बढ़ाए जा सकते हैं। बताया जा रहा है कि इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन जैसी सरकारी तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के कारण हर महीने करीब 30,000 करोड़ रुपये का नुकसान झेल रही हैं। लंबे समय से घरेलू खुदरा दरों को स्थिर रखने के चलते यह दबाव बढ़ता जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पेट्रोल-डीजल में 4 से 5 रुपये प्रति लीटर और घरेलू गैस सिलेंडर में 40 से 50 रुपये तक की बढ़ोतरी हो सकती है।

इस दबाव की बड़ी वजह पश्चिम एशिया संकट और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल बताई जा रही है। बिजनेस टुडे के अनुसार, ऊंचे कच्चे तेल के दौर में सरकार और तेल कंपनियां मिलकर पेट्रोल पर लगभग २४ रुपए प्रति लीटर और डीजल पर करीब ३० रुपए प्रति लीटर तक का बोझ उठा रही थीं। न्यू इंडियन एक्सप्रेस ने भी लिखा है कि पश्चिम एशिया संकट और होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े व्यवधानों के कारण सरकारी तेल कंपनियों की अंडर-रिकवरी लगभग ३०,००० करोड़ रुपए मासिक तक पहुंच गई है।

अगर कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर केवल वाहन चालकों की जेब तक सीमित नहीं रहेगा। डीजल महंगा होते ही माल ढुलाई, सब्जी, अनाज, दूध, निर्माण सामग्री और रोजमर्रा की वस्तुओं की लागत बढ़ सकती है। यानी ईंधन की आग धीरे-धीरे रसोई, बाजार और किराए तक पहुंच सकती है। रॉयटर्स के अर्थशास्त्रियों के सर्वे में भी संकेत है कि ईंधन लागत बढ़ने से अप्रैल की खुदरा महंगाई ३.८ प्रतिशत तक पहुंच सकती है। सवाल यही है कि बोझ कौन उठाए सरकार, तेल कंपनियां या आम उपभोक्ता? फिलहाल, संकेत यही हैं कि आने वाले दिनों में आम आदमी की जेब पर ईंधन का दबाव बढ़ सकता है।

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