एजेंसी / तेलअवीव
इजरायल में डिमोना के पास संदिग्ध मिसाइल डिटेक्शन ने एक बार फिर सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया। रक्षा प्रणालियों ने ईरान की ओर से नेगेव क्षेत्र की तरफ संभावित मिसाइल गतिविधि का संकेत पकड़ा, जिसके बाद इजरायल में अलार्म बजा और आईडीएफ ने तुरंत इंटरसेप्टर मिसाइलें सक्रिय कीं, क्योंकि डिमोना डेंजर जोन में आ चुका था।
डिमोना इजरायल के लिए अत्यंत संवेदनशील माना जाता है, क्योंकि इसी क्षेत्र में इजरायल का परमाणु अनुसंधान केंद्र स्थित है। मार्च २०२६ में भी ईरानी मिसाइल हमलों ने डिमोना और अराद जैसे इलाकों को निशाना बनाया था। उस समय इजरायली एयर डिफेंस की नाकामी को लेकर आईडीएफ ने जांच की बात कही थी। ‘टाइम्स ऑफ इजरायल’ के अनुसार, डिमोना पर गिरी बैलिस्टिक मिसाइल को रोकने में इंटरसेप्टर सफल नहीं हो पाए थे, जिससे कई लोग घायल हुए थे। इसमें सबसे गंभीर बात यह है कि डिमोना केवल एक शहर नहीं, बल्कि इजरायल की सामरिक सुरक्षा का प्रतीक है। ऐसे इलाके के पास बार-बार मिसाइल अलर्ट या हमले की आशंका यह संकेत देती है कि पश्चिम एशिया में तनाव अब केवल सीमावर्ती संघर्ष तक सीमित नहीं रहा। मार्च के हमलों में दक्षिणी इजरायल में लगभग २०० लोग घायल हुए थे।
युद्ध-विस्तार की चेतावनी
अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने डिमोना परमाणु केंद्र को कोई क्षति या असामान्य रेडिएशन स्तर नहीं बताया था। इस पूरे घटनाक्रम ने इजरायल की बहुस्तरीय वायु-रक्षा प्रणाली, ईरान-इजरायल टकराव और परमाणु स्थलों की सुरक्षा पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। डिमोना के पास हर अलार्म अब केवल सैन्य घटना नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए युद्ध-विस्तार की चेतावनी बन जाता है।
