-नॉर्वे की पत्रकार को विदेश मंत्रालय का जवाब
सामना संवाददाता / नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यूरोप दौरे के दौरान नॉर्वे में एक प्रेस कार्यक्रम के बाद सवाल-जवाब को लेकर माहौल गरमा गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नॉर्वे के प्रधानमंत्री के साथ संयुक्त बयान तो दिया, लेकिन मीडिया के सवालों के जवाब नहीं दिए। इसके बाद विदेश मंत्रालय की प्रेस वार्ता में नॉर्वे की एक पत्रकार ने भारत में मानवाधिकार और प्रेस की स्वतंत्रता को लेकर तीखे सवाल पूछे, जिस पर विदेश मंत्रालय के पश्चिमी मामलों के सचिव सिबी जॉर्ज ने जवाब देते हुए कहा कि अगर किसी के अधिकारों का उल्लंघन हो रहा है तो वह कोर्ट जा सकता है।
बता दें कि नॉर्वे की पत्रकार हेले लिंग ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संयुक्त बयान के बाद वहां से निकलते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में एक महिला की आवाज सुनाई देती है, जो पूछती है कि दुनिया की सबसे स्वतंत्र प्रेस के सवालों का जवाब क्यों नहीं दिया जा रहा? पत्रकार ने अपने संदेश में लिखा कि नॉर्वे प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक में पहले स्थान पर है, जबकि भारत १५७वें स्थान पर है। उन्होंने कहा कि सरकारों से सवाल पूछना पत्रकारों का काम है। जब पत्रकार लगातार बीच में सवाल पूछती रहीं तो सिबी जॉर्ज नाराज हो गए। उन्होंने कहा, ‘कृपया मुझे बीच में मत टोकिए। उन्होंने आगे कहा कि सवाल पूछने वाला यह तय नहीं कर सकता कि जवाब किस तरीके से दिया जाए।
सिबी जॉर्ज ने कहा कि भारत दुनिया की कुल आबादी का लगभग छठा हिस्सा है, लेकिन दुनिया की समस्याओं का छठा हिस्सा नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत का संविधान लोगों को मौलिक अधिकार देता है और देश में महिलाओं को बराबरी का अधिकार मिला हुआ है।
