– एक साल में ७,५०० शिकायतें
-२,५०० खराबियां अब भी जस की तस
सामना संवाददाता / मुंबई
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में बिजली व्यवस्था दिन-ब-दिन बदहाल होती जा रही है। बार-बार होने वाली बिजली कटौती और तकनीकी खराबियों ने मुंबईकरों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बेस्ट द्वारा जारी आंकड़ों ने शहर की चरमराती बिजली व्यवस्था की पोल खोल दी है। पिछले एक वर्ष में बिजली गुल होने की ७,५०० से अधिक शिकायतें दर्ज की गर्इं, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब १५ प्रतिशत अधिक हैं।
स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब तक लगभग २,५०० तकनीकी खराबियां स्थायी रूप से दुरुस्त नहीं की जा सकी हैं। इनमें ज्यादातर समस्याएं अंडरग्राउंड केबल से जुड़ी बताई जा रही हैं, जिनके कारण शहर के कई इलाकों में बार-बार बिजली आपूर्ति ठप हो रही है।
मुंबई में तेजी से बढ़ती आबादी और लगातार बढ़ रहे बिजली लोड के मुकाबले बिजली ढांचे को समय रहते मजबूत नहीं किया गया। नतीजा यह है कि पुरानी व्यवस्था अब जवाब देने लगी है। कई क्षेत्रों में घंटों बिजली गुल रहने से नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी और उमस के बीच बिना बिजली के रहने को मजबूर मुंबईकरों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
नागरिकों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा। कई इलाकों में एक ही तरह की खराबियां बार-बार सामने आ रही हैं, जिससे बेस्ट प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, बेस्ट प्रशासन का दावा है कि मरम्मत कार्य युद्धस्तर पर जारी है और लंबित समस्याओं को जल्द दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन हकीकत यह है कि समस्याएं कम होने के बजाय लगातार बढ़ती नजर आ रही हैं।
…तो बड़े संकट की चपेट में आ जाएगा शहर
ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय रहते मुंबई के बिजली ढांचे का आधुनिकीकरण नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में शहर बड़े बिजली संकट की चपेट में आ सकता है। करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद बिजली व्यवस्था का लगातार चरमराना आम मुंबईकरों के लिए चिंता का विषय बन गया है।
