मुख्यपृष्ठनए समाचारराज्य में ‘एमएच-सीईटी’ में भी बड़ा घोटाला!..१०वीं-१२वीं के फेल छात्र सीईटी में...

राज्य में ‘एमएच-सीईटी’ में भी बड़ा घोटाला!..१०वीं-१२वीं के फेल छात्र सीईटी में टॉपर!.. कांग्रेस नेता सावंत का गंभीर आरोप

सामना संवाददाता / मुंबई

देशभर में नीट पेपर लीक मामले को लेकर मचे बवाल के बीच अब महाराष्ट्र की ‘एमएच सीईटी’ परीक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एमएच सीईटी परीक्षा में बड़े स्तर पर गड़बड़ी हुई है और बेहद कम अंक पाने वाले कई छात्रों को १०० पर्सेंटाइल तक दिए गए हैं। आखिर यह वैâसे संभव है? ऐसा सवाल करते हुए एमएच सीईटी परीक्षा में भी भारी गड़बड़ी होने का कांग्रेस नेता सचिन सावंत ने दावा किया है। उन्होंने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच के साथ ही दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
मुंबई के तिलक भवन में मीडिया से बात करते हुए सचिन सावंत ने कहा कि एमएच सीईटी का पाठ्यक्रम ११वीं और १२वीं के स्तर का होता है, लेकिन जिन छात्रों को बोर्ड परीक्षाओं में बेहद कम अंक मिले, वही छात्र एमएच सीईटी में टॉप रैंक हासिल कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सामान्य शैक्षणिक प्रदर्शन नहीं, बल्कि गंभीर परीक्षा घोटाले की ओर इशारा करता है।
सावंत ने दावा किया कि कई ऐसे छात्रों को ९९.९९ और १०० पर्सेंटाइल मिले हैं, जिन्हें १०वीं-१२वीं में मात्र ३५ से ४० प्रतिशत अंक प्राप्त हुए थे। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि एक छात्र को १०वीं में गणित में सिर्फ २२ अंक मिले थे और १२वीं में भी वह गणित में फेल था, लेकिन उसी छात्र को एमएच सीईटी में ९९.९७१ पर्सेंटाइल प्राप्त हुए हैं।
परीक्षा पर किसका नियंत्रण?
कांग्रेस नेता ने सीधे कहा कि राज्य सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि एमएच सीईटी परीक्षा पर किसका नियंत्रण है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पिछले ८ से १० वर्षों से परीक्षा सेल में वही अधिकारी काम कर रहे हैं और उनकी बदली तक नहीं की गई है। उन्होंने राज्य सरकार से तत्काल स्वतंत्र जांच कराने और दोषियों को सख्त सजा देने की मांग की है।
टॉपर्स की सूची पर उठे सवाल
सचिन सावंत के अनुसार, एमएच सीईटी गणित में १०० पर्सेंटाइल हासिल करने वाले कई छात्रों के १२वीं गणित विषय में औसत अंक केवल ६४ प्रतिशत के आसपास थे। इतना ही नहीं, राज्य के टॉप २० रैंकर्स में शामिल कई छात्रों के फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स में ६० प्रतिशत से भी कम अंक थे। उन्होंने दावा किया कि एक छात्र को एमएच सीईटी गणित में १०० पर्सेंटाइल मिले, जबकि बोर्ड परीक्षा में उसके पीसीएम अंक सिर्फ ३९ प्रतिशत थे। कुछ छात्रों के १२वीं गणित में केवल ३५ अंक थे, लेकिन एमएच सीईटी में वे परफेक्ट स्कोरर बन गए। टॉप २० रैंकर्स में शामिल ६ छात्रों के बोर्ड परीक्षा में ६० प्रतिशत से कम अंक थे।

अन्य समाचार