-शिवसेना विधायक अनिल परब का सीएम को पत्र
-बड़े अधिकारी से जांच कराने की मांग
सामना संवाददाता / मुंबई
रायगड जिले के दिघी पोर्ट इंडस्ट्रियल एरिया फेज-१ के निर्माण के तहत लगभग १,४०० करोड़ रुपए के घोटाले का आरोप है। यहां बुनियादी ढांचा परियोजना की निविदा प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शिवसेना विधायक अनिल परब ने इस निविदा में बड़े पैमाने पर अनियमितता और नियमों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री को एक शिकायत पत्र भेजा है। परब ने मांग की है कि पूरी निविदा प्रक्रिया और एल-१ ठेकेदार कंपनी द्वारा जमा किए गए दस्तावेजों की जांच अतिरिक्त मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी से कराई जाए।
भ्रामक दस्तावेज देने का आरोप
‘दिघी पोर्ट इंडस्ट्रियल एरिया के ढांचागत विकास के फेज १’ के अंतर्गत ईपीसी मॉडल पर निकाली गई निविदा में मेसर्स रामकी इंप्रâास्ट्रक्चर लिमिटेड बोलीदाता घोषित हुई है। कंपनी ने लगभग १२ प्रतिशत कम दर पर बोली लगाई थी। हालांकि, अनिल परब का आरोप है कि कंपनी पात्रता की शर्तों पर खरी नहीं उतरती। उन्होंने दावा किया कि कंपनी द्वारा प्रस्तुत अनुभव प्रमाणपत्रों और अन्य दस्तावेजों में गंभीर विसंगतियां हैं। संबंधित कार्यों की प्रकृति, लागत और कार्यादेश से जुड़े दस्तावेज भी अधूरे बताए गए हैं। परब ने आरोप लगाया कि यह निविदा प्रक्रिया को गुमराह करने का प्रयास है।
बिहार में कंपनी हुई थी अपात्र
अनिल परब ने यह भी दावा किया कि बिहार इंटीग्रेटेड मैन्यपैâक्चरिंग सिटी, गया लिमिटेड की इसी प्रकार की निविदा प्रक्रिया में समान शर्तों के बावजूद इस कंपनी को अपात्र घोषित किया गया था। उन्होंने संबंधित टेंडर इवैल्यूएशन कमेटी की बैठक का विवरण भी मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र के साथ संलग्न किया है।
