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पापा और नन्हा दोस्त

पापा की बाहों में मिला,
दुनिया भर का प्यार।
नन्हा-मुन्ना संग लगे,
खुशियों का त्योहार।।

छोटी-छोटी आँखों में,
सपनों का संसार।
पापा संग हर पल बने,
जीवन का आधार।।

उँगली थामे चल पड़ा,
नन्हा लेकर मान।
पापा उसके साथ हैं,
जैसे मजबूत प्राण।।

कभी कहानी, खेल कभी,
कभी हँसी की फुहार।
पापा संग हर दिन लगे,
सबसे सुंदर बहार।।

नटखट बातें, भोली अदा,
मन को ले हरषाय।
उसकी प्यारी मुस्कान से,
घर-आँगन मुस्काय।।

ईश्वर रखे सदा बना,
यह स्नेहिल विश्वास।
पापा-बेटे का यह रिश्ता,
जीवन का मधुमास।।

-डॉ. प्रियंका सौरभ

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