मुख्यपृष्ठनमस्ते सामनाचुभे आलपीन सा सदा...

चुभे आलपीन सा सदा…

सौरभ सबको जो रखे, जोड़े एक समान
चुभे आलपीन सा सदा, वो सच्चा इंसान।

मीठे मुख के लोग तो, करते झूठा प्यार,
मतलब होते ही बदलें, अपने सब व्यवहार।
जो दुख में भी साथ दे, वही सही पहचान—
चुभे आलपीन सा सदा, वो सच्चा इंसान।।

कड़वी बातें बोलकर, देता सही सुझाव,
भीतर जिसके प्रेम हो, वही भरेगा घाव।
सच की राहों पर चले, रखे सदा ईमान—
चुभे आलपीन-सा सदा, वो सच्चा इंसान।।

झूठे रिश्तों की यहां, लगती रोज नुमाइश,
चेहरों वाली भीड़ में, कहां रही आजमाइश।
जो दिल से दिल जोड़ दे, वही बने वरदान—
चुभे आलपीन सा सदा, वो सच्चा इंसान।।

‘सौरभ’ कहे, समाज में दुर्लभ ऐसे लोग,
अपने दुख को पी गए, हरते जग के रोग।
मानवता की राह पर, जिनका ऊंचा मान—
चुभे आलपीन सा सदा, वो सच्चा इंसान।।

-डॉ. प्रियंका सौरभ

अन्य समाचार