मुख्यपृष्ठस्तंभअमेरिका को नहीं चाहिए दादागीरी की राह में रोड़ा?

अमेरिका को नहीं चाहिए दादागीरी की राह में रोड़ा?

उमन गुप्ता

-शांति वार्ता के बीच ईरान पर हमले और ओमान को धमकी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर शांति वार्ता के बीच ईरान पर हमले और ओमान को धमकी देकर सिद्ध कर दिया है कि दादागीरीr की राह में कोई रोड़ा उन्हें पसंद नहीं है। गुरुवार को ईरान पर नए हमले ऐसे समय में हुए हैं, जब दोनों पक्षों के बीच युद्ध खत्म करने को लेकर बातचीत चल रही है।
इस बीच ईरानी सरकारी मीडिया में दावा किया गया कि संभावित शांति समझौते के तहत ईरान और ओमान मिलकर होर्मुज जलडमरूमध्य में शिपिंग संचालन संभाल सकते हैं। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस दावे को खारिज कर दिया। ट्रंप ने साफ कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य खुला रहेगा और वहां अंतर्राष्ट्रीय आवाजाही जारी रहेगी। दूसरी ओर ईरान के साथ जारी तनाव के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने ओमान को भी सीधी चेतावनी दी है। होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ट्रंप ने कहा है कि किसी भी देश को इस अहम जलमार्ग पर कंट्रोल करने की परमिशन नहीं दी जाएगी। होर्मुज स्ट्रेट सभी देशों के लिए खुला रहना चाहिए और इस पर कोई एक देश अपना अधिकार नहीं दिखा सकता है।
होर्मुज जलडमरूमध्य क्यों अहम?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक है। दुनिया के बड़े हिस्से का तेल इसी रास्ते से गुजरता है। ऐसे में यहां किसी भी सैन्य तनाव का असर सीधे वैश्विक तेल बाजार और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार पर पड़ता है। अमेरिका का आरोप है कि ईरान इस इलाके में समुद्री रास्तों को एक बार फिर बंद करने और जहाजों के लिए खतरा पैदा करने की कोशिश कर रहा था। अब सवाल यह है कि अमेरिका और होर्मुज की आड़ में कब तक दादागीरी करते रहेगा। ईरान-अमेरिका युद्ध के करीब तीन माह हो गए हैं। इस बीच आधी से ज्यादा दुनिया की अर्थव्यवस्था पटरी से उतरती दिख रही है, लेकिन अमेरिकी हमले का अंत कब होगा। यह सवाल बना हुआ है।

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