अजय भट्टाचार्य
-प्रदेश प्रमुख
भारतीय जनता पार्टी के संगठन में अनेक पद हैं। पहली बार एक अनूठा पद देखने को मिला। भाजपा का झंडा लगा फोर्ड कार नंबर यूपी ३२ एचए ०९९९ के ऊपर जो पदनाम लिखा है वह है प्रदेश प्रमुख। पार्टी में प्रदेश अध्यक्ष होते हैं। मुख्य संगठन के और अलग-अलग मोर्चे के मगर लोगों ने अपना जलवा बिखेरने के लिए एक नया ही पद ईजाद कर लिया, जिसका नाम है प्रदेश प्रमुख, जबकि ऐसा कोई पद ही नहीं है। लखनऊ में कार को कोई पुलिस वाला रोक नहीं सकता, नो एंट्री में भी चले जाएं हर जगह अर्दब में लेना आसान हो और पुलिस वाले कहीं-कहीं सलाम भी ठोक दें।
-पैसे दे दो, ठेका ले लो
सीबीआई ने मेरठ में छावनी परिषद (वैंâट बोर्ड) के शासन द्वारा नामित सदस्य और भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. सतीश शर्मा को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। शर्मा को पल्लवपुरम स्थित उनके आवास से ३ लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए दबोचा गया। तलाशी के दौरान सीबीआई को उनके घर से ५० लाख रुपए की नकदी भी बरामद हुई है। डॉ. सतीश शर्मा ने पार्किंग ठेकेदार से ठेके की अवधि बढ़ाने के बदले मोटी रकम की मांग की थी। ठेकेदार का आरोप है कि डॉ. सतीश शर्मा ने उसे धमकी दी थी कि यदि उसने पैसे नहीं दिए, तो वह वैंâट बोर्ड की आगामी बैठक में अपनी राजनीतिक रसूख का इस्तेमाल कर उसका पार्किंग ठेका निरस्त करवा देंगे। परेशान ठेकेदार ने सीबीआई दफ्तर में लिखित शिकायत की और नेताजी अंदर।
-दिखावा बचत
जब से प्रधानमंत्री ने खर्च में कटौती और सरकारी खर्च में समझदारी बरतने का आह्वान किया है, तब से अधिकारी सादगी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाने के लिए काफी उत्सुक नजर आ रहे हैं। गुजरात के एक-एक जिले में एक डिप्टी कलेक्टर ने काम पर जाने के लिए साइकिल का इस्तेमाल किया। इस कदम की शुरुआत में तो काफी सराहना हुई, लेकिन जल्द ही लोगों ने गौर किया कि उनकी सरकारी गाड़ी भी पूरे रास्ते उनके ठीक पीछे-पीछे चल रही थी। आखिर बचाया क्या गया, साइकिल का ईंधन! इस घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या सचमुच खर्च में कटौती की जा रही है या फिर यह सिर्फ एक दिखावा है। वैसे किसी ने मजाक में कहा कि कार साहब का टिफिन ढो रही थी!
(लेखक वरिष्ठ पत्रकार एवं स्तंभकार हैं तथा व्यंग्यात्मक लेखन में महारत रखते हैं।)
