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`फूटेगा एटमी बम!’… दुनिया में हड़कंप… ईरान की खुली चेतावनी से डरा अमेरिका

एजेंसी / नई दिल्ली

पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य एक बार फिर वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था के केंद्र में आ गया है। ईरान का आरोप है कि अमेरिकी सैन्य दबाव और समुद्री नाकेबंदी के कारण उसके तेल निर्यात पर गंभीर असर पड़ा है। ऐसे में ईरान की ओर से सीधे तौर पर वॉशिंगटन के लिए चेतावनी माना जा रहा है। ईरान ने अमेरिका को धमकी भरे शब्दों में कहा कि सावधान हो जाओ, ईरान का `परमाणु बम’ किसी भी समय चल सकता है। इस चेतावनी ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। ईरानी संसद के उपाध्यक्ष अली निकजाद ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य ही ईरान का `परमाणु बम’ है। यदि तेहरान पर दबाव बढ़ाया गया तो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ सकता है।
एक टीवी इंटरव्यू में अली निकजाद ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य ही इस्लामिक गणराज्य ईरान का परमाणु बम है। उन्होंने दावा किया कि यह सामरिक मार्ग ईरान के लिए किसी भी परमाणु हथियार से अधिक महत्वपूर्ण है और अब इस क्षेत्र में पहले जैसी स्थिति कभी नहीं रहेगी। ईरानी नेतृत्व का कहना है कि अमेरिका अब अपनी सैन्य ताकत के दम पर दुनिया पर अपनी शर्तें नहीं थोप सकता। तेहरान का दावा है कि वॉशिंगटन को क्षेत्रीय वास्तविकताओं को स्वीकार करना होगा और ईरान की मांगों पर गंभीरता से विचार करना पड़ेगा।
महायुद्ध का बजा अलार्म!
खाड़ी देशों में बारूद की गूंज अब ‘महायुद्ध’ का अलार्म बजा रही है। पिछले १०० घंटों से जारी इस घमासान ने साफ कर दिया है कि ईरान घुटने नहीं टेकेगा, बल्कि काउंटर अटैक से अरब में कोहराम मचा देगा और इसका सबूत बहरीन और कुवैत पर हुए भीषण ड्रोन हमलों से दे दिया। मोजतबा ने ‘आखिरी चेतावनी’ देकर अमेरिका की धड़कन बढ़ा दी है। अगर अमेरिका ने नाकाबंदी नहीं हटाई, तो जंग सिर्फ फारस की खाड़ी तक नहीं रुकेगी, बल्कि विनाश का यह चक्रव्यूह अब ७ समंदर तक पैâलेगा। अब सवाल उठ रहा है कि क्या ट्रंप की ‘गन बोट डिप्लोमेसी’ ईरान को झुका पाएगी या आधी रात का ये संग्राम तीसरे विश्व युद्ध का नया प्रâंट खोलने जा रहा है?
कभी भी शुरू हो सकता है युद्ध का दूसरा चरण
२ जून से शुरू हुआ घमासान का विस्तार होता जा रहा है। मिनी वॉर मॉडल कभी भी युद्ध के दूसरे चरण में बदल सकता है। बीती रात एक बार फिर से खाड़ी में बारूद बरसा। अमेरिका ने ईरान के उस खुफिया ठिकानों पर हमले किए, जहां ईरान ने मिसाइलें छिपा कर रखी हुई हैं।
अंतर्राष्ट्रीय तेल बाजार में मच सकती है भारी उथल-पुथल
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है। वैश्विक कच्चे तेल का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। ऐसे में यदि यहां तनाव और बढ़ता है या समुद्री यातायात प्रभावित होता है, तो अंतर्राष्ट्रीय तेल बाजार में भारी उथल-पुथल मच सकती है और दुनियाभर में ऊर्जा संकट गहरा सकता है।
खाड़ी में टकराव तेज
इस बीच होर्मुज क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि उसने अपने जहाजों की सुरक्षा के लिए क्षेत्र में उड़ रहे ईरान के दो ड्रोन मार गिराए हैं। अमेरिका का कहना है कि ये ड्रोन उसके नौसैनिक बेड़े के लिए खतरा बन रहे थे। हालांकि ईरान की ओर से इस पर अलग दावा किया जा रहा है।

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