-विरार बना नकली नोटों का अड्डा
-आर्थिक राजधानी में खपाई जा रही है करोड़ों की जाली करेंसी
फिरोज खान / मुंबई
मुंबई और उसके आसपास के इलाकों में जाली नोटों की सप्लाई की खतरनाक साजिश रची जा रही है। नकली करेंसी का यह खेल कहीं और से नहीं, गुजरात से खेला जा रहा है। करोड़ों के २०० और ५०० के नोट आर्थिक राजधानी में खपाए जा रहे हैं। गुजरात का जाली नोट छापने वाला गिरोह विरार को अपना अड्डा बना चुका है। नकली नोटों की खेप पहले विरार पहुंचाई जाती है, फिर वहां से वसई, नालासोपारा और मुंबई तक पहुंचाई जा रही है। इस काम के लिए गुजरात के गिरोह ने बाकायदा एजेंट बना रखे हैं, जिन्हें ४० प्रतिशत का कमीशन दिया जाता है। आश्चर्य की बात यह है कि फेंक करेंसी की खेप जिन गाड़ियों से लाई जाती है, वह बिना चेकिंग और रोकटोक के पार हो जाती है। इस सनसनीखेज बात का खुलासा तब हुआ जब दो आरोपी १ करोड़ रुपए के जाली नोटों के साथ पकड़े गए। फेक करेंसी ५०० और २०० की गड्डियों में पाई गई। सोमवार रात वसई-पूर्व महामार्ग, विरार फाटा के पास दो लोग एक कार में संदिग्ध अवस्था में दिखाई दिए। पूछताछ और चेकिंग के दौरान चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। कार में १ करोड़ के नकली नोटों की खेप बरामद हुई। आरोपियों ने बताया कि फर्जी नोट गुजरात से विरार लाए जा रहे थे, फिर वहां से मुंबई, नई मुंबई और पालघर में खपाए जाने थे। सबसे अहम बात यह है कि पिछले साल भी विरार से ५० लाख के नकली नोट पकड़े गए थे।
छपाई और मास्टरमाइंड की तलाश
क्राइम ब्रांच अधिकारियों का कहना है कि पकड़े गए आरोपी तो मोहरे हैं। पुलिस उनके जरिए मास्टरमाइंड तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि जाली नोटों की छपाई गुजरात में होती है या फिर कहीं और से। जांच में पता चला कि ये जाली नोट गुजरात की सीमा से कार, बस और ट्रेन के जरिए विरार लाए जा रहे थे, यानी विरार नकली नोटों का ‘डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर’ बन चुका था।
आरोपियों का आतंकी कनेक्शन होने का शक
विरार पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त कार्रवाई में पुलिस को शक है कि जाली नोटों के सप्लायर और मास्टरमाइंड का आतंकी कनेक्शन हो सकता है, क्योंकि आतंकी संगठन ही मुंबई और पूरे देश में जाली नोट फैलाकर आर्थिक स्थिति को चोट पहुंचाने की कोशिश करते हैं। इस तरह के कई मामले अब तक सामने आ चुके हैं।
