-संसद से फिर भागी सरकार; सदन में नहीं आए अमित शाह
-`गृह मंत्री अमित शाह मानसून सत्र के अब तक १७ कार्य दिवसों में लोकसभा और राज्यसभा में नहीं आए हैं, जो `वास्तव में अभूतपूर्व’ है। स्वाभाविक रूप से सवाल उठता है: क्या वह ठीक हैं? क्या नंबर एक और नंबर दो के बीच सब कुछ ठीक है?’
सामना संवाददाता / नई दिल्ली
संसद के मानसून सत्र में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की कथित गैरमौजूदगी को लेकर कांग्रेस ने मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि सत्र के अब तक १७ कार्य दिवसों में शाह लोकसभा और राज्यसभा में नजर नहीं आए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि डराने-धमकाने वाले खुद ‘कायर’ होते हैं।
रमेश जयराम ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि मंगलवार को भी गृह मंत्री लोकसभा में मौजूद नहीं थे, जबकि सदन की कार्यसूची में उनके नाम के सामने विधायी कामकाज सूचीबद्ध था। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर गृह मंत्री सदन से लगातार दूरी क्यों बनाए हुए हैं। कांग्रेस नेता ने यह भी पूछा कि क्या अमित शाह की तबीयत ठीक है और क्या सरकार के शीर्ष नेतृत्व में सब कुछ ठीक चल रहा है। विपक्षी दल संसद में दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर चर्चा की मांग कर रहे हैं। विपक्ष चाहता है कि इन मुद्दों पर सरकार जवाब दे और गृह मंत्री छात्रों से जुड़े मामले पर सदन में बयान दें।
कांग्रेस का आरोप है कि सरकार महत्वपूर्ण सवालों से बचने के लिए सदन में गतिरोध के बीच विधेयक पारित करा रही है। दूसरी ओर, सरकार ने छात्रों के मुद्दे पर चर्चा और गृह मंत्री के जवाब की बात कही है। हालांकि, विपक्ष अपनी अन्य मांगों पर भी अड़ा हुआ है। इससे संसद में टकराव और तेज होने के आसार हैं।
राम मंदिर में `लूट’ पर बीजेपी खामोश क्यों?
काफी ड्रामे और संसद से दूरी बनाने के बाद आखिरकार माना जा रहा था कि मंगलवार को गृह मंत्री अमित शाह संसद में राहुल गांधी और विपक्ष के तीखे सवालों का सामना करेंगे। लेकिन अयोध्या के राम मंदिर में हुए कथित घोटालों और `लूट’ के आरोपों पर कोई ठोस जवाब न होने के कारण शाह एक बार फिर लोकसभा से पीछे हट गए।
`५६ इंची झूठा है, चंदा उसी ने लूटा है!’
राम मंदिर चंदे को लेकर मंगलवार को विरोध प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में ‘प्रश्न : चंदा किसने लूटा है? उत्तर : ५६ इंची झूठा है, चंदा उसी ने लूटा है’ लिखे बोर्ड लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने चंदे के कथित दुरुपयोग की जांच और पूरे मामले में पारदर्शिता की मांग उठाई।
