जेदवी / मुंबई
मुंबई की उपनगरीय लोकल ट्रेनों में बेटिकट और नियमों को ताक पर रखकर यात्रा करने वालों की बढ़ती संख्या ने रेल प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मध्य रेल द्वारा अप्रैल और मई २०२६ के दौरान चलाए गए विशेष टिकट जांच अभियानों में महज ६१ दिनों में १४,७४४ नियम उल्लंघनकर्ता पकड़े गए। इन मामलों से रेलवे ने ६२.०८ लाख रुपए की वसूली की है।
बढ़ती अनियमितताओं पर लगाम लगाने के लिए मध्य रेल को ‘फोर्ट्रेस’, ‘एंबुश’, ‘स्पॉट’, ‘इंटेंसिव’ और ‘क्रॉस-कंट्री’ जैसे विशेष अभियान चलाने पड़ रहे हैं। ‘फोर्ट्रेस चेक’ में स्टेशनों को चारों ओर से घेरकर जांच की जाती है, जबकि ‘एंबुश चेक’ के तहत चलती ट्रेनों में अचानक जांच कर बेटिकट यात्रियों को पकड़ा जाता है।
मध्य रेल का मुंबई मंडल प्रतिदिन १,८२० लोकल सेवाएं संचालित करता है, जिनमें १०८ एसी लोकल भी शामिल हैं। रोजाना लगभग ३९ लाख यात्रियों के सफरवाले इस विशाल नेटवर्क में लगातार सामने आ रहे बेटिकट यात्रा के मामले रेलवे के राजस्व को नुकसान पहुंचाने के साथ व्यवस्था की चुनौतियों को भी उजागर कर रहे हैं।
प्रतिदिन २४१ लोग धराए
आंकड़ों के अनुसार, प्रतिदिन औसतन २४१ लोग बिना टिकट अथवा नियमों का उल्लंघन करते हुए पकड़े गए, जबकि रोजाना एक लाख रुपए से अधिक का जुर्माना वसूला गया। यह स्थिति उपनगरीय रेल सेवाओं में टिकट जांच व्यवस्था और यात्रियों की नियमों के प्रति गंभीरता पर सवाल खड़े करती है। रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बेटिकट यात्रा और अन्य अनियमितताओं के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेंगे तथा नियम तोड़ने वालों के प्रति किसी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी।
