मुख्यपृष्ठनए समाचारराकांपा के बयान से तिलमिलाया दादा गुट...रोहित पवार को पूछता कौन है?

राकांपा के बयान से तिलमिलाया दादा गुट…रोहित पवार को पूछता कौन है?

-राष्ट्रवादी कांग्रेस से विलय की बात पर तटकरे का विरोध

सामना संवाददाता / मुंबई

अजीत पवार गुट और राकांपा के बीच सियासी तल्खी अब व्यक्तिगत हमलों तक पहुंचती दिखाई दे रही है। दादा गुट के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे के एक बयान ने दोनों गुटों के बीच चल रही खींचतान को खुलकर सामने ला दिया है। अनिकेत तटकरे के निर्विरोध निर्वाचन के बाद आयोजित कार्यक्रम में सुनील तटकरे ने राकांपा विधायक रोहित पवार पर सीधा हमला बोला। रोहित पवार द्वारा दोनों राष्ट्रवादी गुटों के एक होने की संभावना संबंधी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए तटकरे ने कहा कि रोहित पवार को पूछता कौन है, उन्हें सलाह देने का अधिकार किसने दिया?
तटकरे का यह बयान केवल जवाबी प्रतिक्रिया नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे दादा गुट और रोहित पवार के बीच बढ़ती राजनीतिक दूरी का खुला संकेत माना जा रहा है। पिछले कुछ महीनों से रोहित पवार लगातार अजीत पवार गुट और उसके नेताओं पर निशाना साधते रहे हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि रोहित पवार और दादा गुट के बीच लंबे समय से चल रहा शीतयुद्ध अब खुली जुबानी जंग में बदल चुका है। रोहित पवार लगातार अजीत पवार गुट की राजनीतिक दिशा और भाजपा के साथ उसके संबंधों पर सवाल उठाते रहे हैं।
गौरतलब हो कि रोहित पवार ने हाल ही में कहा था कि यदि अजीत पवार गुट भाजपा का साथ छोड़ता है तो दोनों राष्ट्रवादी गुटों के एक होने का रास्ता खुल सकता है। इसी बयान पर पलटवार करते हुए सुनील तटकरे ने कहा कि उनकी पार्टी महायुति का हिस्सा है और भाजपा गठबंधन की प्रमुख सहयोगी है। ऐसे में भाजपा को छोड़ने का सवाल ही नहीं उठता। तटकरे ने यह भी याद दिलाया कि जब दोनों गुटों के संभावित विलय की चर्चा चल रही थी, तब भी उन्होंने स्पष्ट कर दिया था कि अजित पवार गुट अपनी राजनीतिक भूमिका को लेकर पूरी तरह स्पष्ट है।

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