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ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा देने वाले रामगंज नगर पंचायत के चेयरमैन राकेश सिंह का सम्मान

सामना संवाददाता / प्रतापगढ़

प्रतिभाशाली व्यक्ति समाज, कार्यस्थल और राष्ट्र की प्रगति की रीढ़ होते हैं। उनकी असाधारण बौद्धिक क्षमता, नवीन सोच और समस्याओं को सुलझाने की तीव्र क्षमता उन्हें भीड़ से अलग करती है। प्रतापगढ़ जनपद की सबसे बड़ी नगर पंचायत रामगंज के चेयरमैन राकेश सिंह एक ऐसे व्यक्तित्व का नाम हैं, जिन्होंने राजनीति में अपना मुकाम तो बनाया ही, साथ ही ग्रामीण रोजगार और महिला सशक्तिकरण को भी बढ़ावा दिया। काफी लंबे समय तक मुंबई में रहने के बाद राकेश सिंह कोरोना संक्रमण काल में गांव आए। उन्हें क्या मालूम था कि गांव का लंबा प्रवास उनके भविष्य का नया दरवाजा खोल देगा।
उत्तर प्रदेश के तत्कालीन कैबिनेट मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मोती सिंह के सुप्रयासों से रामगंज को नगर पंचायत का दर्जा मिला। युवा साथियों ने उनमें जोश और विश्वास पैदा किया। राकेश सिंह भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी के रूप में चुनाव जीतकर रामगंज नगर पंचायत के पहले चेयरमैन बन गए। सिर्फ चुनाव जीतना राकेश सिंह का मकसद नहीं था, उन्हें जनता के बीच कुछ ऐसे काम करने थे, जिन्हें जनता हमेशा याद रखे। लिहाजा नगर पंचायत के विकास के साथ-साथ उन्होंने सभी 13 वार्डों में आपसी सद्भावना, भाईचारे और समरसता की दिशा में भी काम करना शुरू किया।
उन्होंने हिंदुओं और मुसलमानों के बीच लंबे समय से चले आ रहे विवादों का निस्तारण किया और उनके बीच प्रेम तथा भाईचारे का संबंध स्थापित किया। कोइरीपुर स्टेशन के प्लेटफॉर्म तक यात्रियों के आवागमन हेतु निजी सड़क बनवाई। 10 मार्च 2025 को उन्होंने अपने गांव मानापुर के नाम पर मानापुरी पापड़ फैक्ट्री की शुरुआत की। आज पूरे जनपद में इसकी धूम मची है। इससे महिलाओं को रोजगार मिला और कृषि उत्पादनों को बढ़ावा मिला।
मुंबई की प्रतिष्ठित सामाजिक संस्था समरस फाउंडेशन द्वारा आज उनका सम्मान किया गया। इस अवसर पर संस्था के महासचिव वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, सभासद विनय पांडे, सभासद अजय कुमार सिंह, सभासद राम उजागिर सिंह, रामलीला समिति के अध्यक्ष दिनेश प्रताप सिंह, अजय उपाध्याय, सर्वेश सिंह, मोहन सिंह, सुभाष सिंह तथा बजरंग दल के विभाग संयोजक विकास सिंह उपस्थित रहे।

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