बुलाकी शर्मा राजस्थान
शेक्सपियर लिखग्या कै नांव मैं कांई राख्यो है। नांव चायै जिको हुवो। पण म्हारी आप सूं अरज है कै शेक्सपियर रा आं’ इमरत बचनां’ नै इमरत मानण री कै आं ऊपरां चालण री गलती ना करिया। जे गलती कर दीवी तो पछातावोला। समय रै साथै’ इमरत बचन’ ई ऑडट ऑफ डेट हुय जाया करै। कदैई ‘हम दो, हमारे दो,’ ‘छोटा परिवार सुखी परिवार’ ‘घणा टाबर घणो दुख थोड़ा टाबर घणो सुख’ आद नैं फकत सरकारी अभियान रा नारा नीं, आपां आं नै इमरत बचन मानता अर परिवार नियंत्रण रो ध्यान राखता। पण समय रै साथै पुराणा इमरत बचन ऑडट ऑफ डेट हुवण लागै अर नूंवा घड़ीजण लागै। अबै कमती टाबर पैदा करण री बात करणी आ बळद म्हनैं हुरड़ी दे, आळी मूरखता करणी है। अबै ‘घणा टाबर घणो रुतबो’ जिसा इमरत बचन संत-महातमावां रै सिरी मुख सूं झड़ै। समय बड़ो बलवान हुवै। समय रै साथै स्हैर, गांव, कस्बा, रेलवे स्टेशन, हवाई अड्डा, खेल मैदान तकात रा नांव बदळै, इमरत बचन बदळै, आपांरा मेंटर, गुरू, उस्ताद बदळै, आस्थावां बदलै, प्रतिबद्धता बदळै। मतलब कै समय रै साथै जिको बदळणो जाणै, बो सोरो-सुखी रैवै।
समय री बलिहारी कै काल तांई तिलचट्टै नांव सूं घिरणा करीजती पण जद सुप्रीम सिरीमुख सूं कॉकरोच सबद उच्चरित करीज्यो जणै आखै मुलक में चावो हुयग्यो। अबै जे भूल’र बीं नै तिलचट्टो कैयां बो आपरी इंसल्ट फील करतो मान-हानि रो दावो कर सकै। भारत में रैवणिया आपां कॉकरोच सारू कीं करता बीं सूं पैला ई अमरीका में रैवणियो अेक नौजवान सोशल प्लेट फार्म माथै ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ ऊभी कर दीवी। कॉकरोच अर अमरीका नांव रो इसो रुतबो कै कॉकरोच जनता पार्टी रा अध्यक्ष राजधानी नई दिल्ली रै हवाई अड्डै पूग्या जणै जंतर मंतर माथै धरणो -प्रदर्शन करण री अनुमति रो आदेश सरकार रा अफसर लियोड़ा ऊभा हा। अचंभै री बात आ कै बे बठै केंद्र सरकार रा शिक्षा मंत्री रै अस्तीफै री मांग करता धरनै री आगूंच घोषणा कर राखी ही।
अन्नदाता किसानां, अंतर्राष्ट्रीय ओळखाण राखणिया पहलवानां, जनता री समस्यावां रो समाधान करावण सारू संघर्ष करणियां अेक्टिविस्टां नै जंतर मंतर माथै शांतिपूर्ण धरनो-प्रदर्शन री अनुमति कोनी दिरीजै पण कॉकरोच नांव रो कमाल कै बीं रै नांव री पार्टी नै अनुमति बिना लिखित आवेदन रै मिल जावै।
जणै ई कैय रैयो हूं कै शेक्सपियर रै इमरत बचनां रै चकारै में ना आया, बे ऑउट डेटेड हुयग्या है।
