श्रीकिशोर शाही
(बुंगा बुंगा – १०)
२००१ में सत्ता के सबसे ऊंचे शिखर पर अपनी भव्य वापसी करने के बाद, सिल्वियो बर्लुस्कोनी के पास अब वह सब कुछ मौजूद था जिसका कोई भी आम इंसान अपनी जिंदगी में केवल सपना ही देख सकता है। बेशुमार दौलत, असीमित राजनीतिक ताकत और पूरे इटली की जनता की सोच को नियंत्रित करने वाला मीडिया का सबसे बड़ा साम्राज्य। इस बेतहाशा ताकत ने उनके भीतर एक ऐसा खतरनाक और अंधा अहंकार पैदा कर दिया था, जहां उन्हें अब साफ लगने लगा था कि वह इटली के हर कानून, हर अदालत, नैतिकता और समाज के नियमों से बहुत ऊपर उठ चुके हैं। सत्ता की यह अंधी दौड़ अब उनके राजनीतिक पैâसलों से निकलकर उनके बेहद निजी जीवन पर भी हावी होने लगी थी। जैसे-जैसे बर्लुस्कोनी की उम्र बढ़ रही थी, उनके भीतर बुढ़ापे को लेकर एक अजीब सी असुरक्षा और हमेशा जवान दिखने की एक भारी सनक सवार होने लगी थी। उन्होंने अपने चेहरे की प्लास्टिक सर्जरी करवाई, हेयर ट्रांसप्लांट का सहारा लिया और अपनी मुस्कान को और चमकाने के लिए महंगे डेंटल ट्रीटमेंट लिए। खुद को दुनिया के सामने एक ‘प्लेबॉय’ के रूप में पेश करना अब उनकी नई पहचान बन गई थी। सत्ता के गलियारों की उन उबाऊ, लंबी और गंभीर बैठकों से उनका मन अब तेजी से उचटने लगा था। इसके बजाय, उनकी दिलचस्पी अब हाई-प्रोफाइल और रंगीन पार्टियों के आयोजन में बहुत ज्यादा बढ़ने लगी थी। यह वह दौर था जब बर्लुस्कोनी ने अपने आसपास खूबसूरत और जवान महिलाओं का एक पूरा झुंड इकट्ठा करना शुरू कर दिया था। इटली की हर युवा मॉडल, महत्वाकांक्षी अभिनेत्री और टीवी शो-गर्ल यह बात बहुत अच्छी तरह जानती थी कि अगर उन्हें अपने करियर में रातों-रात बुलंदी पर पहुंचना है तो उन्हें किसी भी तरह इटली के इस ‘शूरवीर’ प्रधानमंत्री की नजरों में आना ही होगा। बर्लुस्कोनी के लिए भी यह महज शारीरिक अय्याशी नहीं थी, यह उनकी उस असीम ताकत का क्रूर और सार्वजनिक प्रदर्शन था, जहां वह दुनिया को यह दिखाना चाहते थे कि दौलत और रुतबे के दम पर वे इटली की किसी भी बेशकीमती चीज को खरीद सकते हैं। उनका जीवन अब पूरी तरह से एक ऐसे रंगीन और खतरनाक नशे में डूबता जा रहा था, जहां राज्य के कामकाज पीछे छूट रहे थे और हुस्न और शराब के जाम छलकने लगे थे। इन गुप्त और अय्याश महफिलों को सजाने के लिए अब उन्हें रोम की भीड़ से दूर एक ऐसे एकांत महल की जरूरत थी, जहां कोई भी कैमरा और कानून उनकी इजाजत के बिना घुस न सके।
(शेष अगले अंक में)
