अजय भट्टाचार्य
डर सबको लगता है इसलिए चुप रहने में ही भलाई है। वे एक बार बोले थे तो स्कूल और कॉलेज पर छापा पड़ गया था। इसलिए दबदबा फेम नेताजी ने रामजन्मभूमि मंदिर चोरी मामले में बोलते हुए कहा, `डर के मारे में इसपर सच नहीं बोल रहा हूं, क्योंकि वो लोग बहुत ताकतवर हैं।’ भाजपा से जुड़े दबदबा नेताजी के बयान से समझा जा सकता है कि राम मंदिर के चढ़ावे में चोरी के मामले में दाल में कुछ काला नहीं, बल्कि पूरी दाल ही काली है। राम मंदिर के चढ़ावे में हेरफेर की खबरें आहत करने वाली हैं। भाजपाइयों ने अपनी लूट खसोट की गंदी आदत से करो़ड़ों लोगों के आस्था के केंद्र को भी नहीं बख्शा। नेता जी जानते हैं उत्तर प्रदेश में अपराधियों के पास से शस्त्र लाइसेंस का रिकॉर्ड मांगा गया है। दबदबा खतरे में है इसलिए बयानबाजी और ज्यादा नकारात्मक हो जाती है ।
चावल-चाय वाले बाबा अंदर
छत्तीसगढ़ के महासमुंद में पुलिस ने खुद को ज्योतिषाचार्य बताने वाले एक ढोंगी बाबा नरेंद्र नयन शास्त्री को रेप के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी को ग्रामीण क्षेत्रों में `चावल वाले बाबा’ या `चाय वाले बाबा’ के नाम से जाना जाता था, जो चावल और लाल फूल देकर लोगों का भूत-भविष्य बताने और कथा सुनाने का दावा करता था। यह पूरी घटना बागबाहरा थाना क्षेत्र की है। पुलिस ने आरोपी को रायपुर के सिलयारी इलाके से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
`हमारे वोट कहां गए?’
यह बंगाल के न्यू टाउन के वोटर पूछ रहे हैं, जहां भाजपा को मुस्लिम बहुल बूथ पर ९७ फीसदी वोट मिले। बंगाल के राजारहाट न्यू टाउन के बूथ नंबर १६४ में विधानसभा चुनाव के नतीजों ने स्थानीय लोगों, विपक्षी नेताओं और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के मन में सवाल खड़े कर दिए हैं। कई लोगों ने नतीजों को अजीब और असंभव बताया। माकपा-आईएसएफ गठबंधन के उम्मीदवार सप्तर्षि देब को बूथ १६४ से सिर्फ एक वोट मिला। तृणमूल उम्मीदवार तापस चटर्जी को पांच वोट मिले, जबकि भाजपा उम्मीदवार पीयूष कनोडिया, जो यह सीट जीते, उन्हें कुल ६५६ वोटों में से ६३७ वोट मिले। बूथ १६४ और १६५ `मुसलमान पाड़ा’ नाम के इलाके में हैं, जो मुख्य रूप से मुस्लिम आबादी वाला इलाका है। बूथ १६४ के नतीजों का इलाके की राजनीतिक और जनसांख्यिकीय स्थिति से मेल बिठाना मुश्किल था। यहां के नतीजे ५ मई को घोषित किए गए, जो पश्चिम बंगाल के बाकी हिस्सों के नतीजों के एक दिन बाद आए।
(लेखक वरिष्ठ पत्रकार एवं स्तंभकार हैं तथा व्यंग्यात्मक लेखन में महारत रखते हैं।)
