मुख्यपृष्ठसमाचारमनपा की नाकामी से मुंबई में बाढ़ की आहट

मनपा की नाकामी से मुंबई में बाढ़ की आहट

सामना संवाददाता / मुंबई

-बीएमसी की समय सीमा हुई फेल

-मीठी नदी की सफाई अभी भी अधूरी

-मनपा के दावों की खुली पोल

हर साल की तरह इस बार भी मानसून से पहले किए जाने वाले दावों की पोल खुलती नजर आ रही है। शहर की जीवनरेखा मानी जाने वाली मिठी नदी की सफाई और डी-सिल्टिंग का काम तय समयसीमा बीतने के बावजूद अधूरा पड़ा है, जिससे आगामी भारी बारिश के दौरान जलभराव और बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।
बीएमसी ने १० जून तक नदी की सफाई पूरी करने का लक्ष्य तय किया था, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट दिखाई दे रही है। नदी के कई हिस्सों में अब भी गाद, कचरे के ढेर और घनी झाड़ियां जमा हैं। कई स्थानों पर पानी का प्रवाह बाधित नजर आया, जबकि सफाई स्थल पर न मजदूर दिखाई दिए और न ही मशीनें। इससे साफ संकेत मिलता है कि सफाई अभियान बीच रास्ते में ही अटक गया है।
जानकारी के अनुसार, यह ठेका अप्रैल महीने में प्रशांत लाड एंड तुलजा भवानी कंस्ट्रक्शन्स को दिया गया था। तय समयसीमा समाप्त होने के बाद भी काम पूरा न होना बीएमसी की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय रहते मिठी नदी की सफाई पूरी नहीं हुई तो बारिश के दौरान पानी निकासी व्यवस्था चरमरा सकती है और निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन सकते हैं। गौरतलब है कि वर्ष २००५ की विनाशकारी बाढ़ में भी मिठी नदी की बदहाल स्थिति को बड़ा कारण माना गया था। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए सवाल उठाया है कि आखिर हर साल करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद मानसून से पहले जरूरी काम समय पर क्यों पूरे नहीं हो पाते।

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