-रियल लाइफ ‘रिक्की बहल’ गिरफ्तार
-कई राज्यों में २५ महिलाओं को
-शादी का झांसा देकर ठगा
सुरेश गोलानी / मुंबई
आपको याद होगी २०११ में रिलीज हुई बॉलीवुड की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘लेडीज वर्सेस रिकी बहल’ जिसमें अभिनेता रणवीर सिंह एक शातिर धोखेबाज की भूमिका में पहचान बदलकर लड़कियों को अपने प्यार के जाल में फंसाता है और उनसे करोड़ों रुपए ठगकर रफूचक्कर हो जाता है। इसी फिल्मी कहानी की तरह देश के कई हिस्सों में मेट्रोमोनियल (वैवाहिक) साइटें और अखबार में विज्ञापन के माध्यम से महिलाओं को शादी के जाल में फंसाकर करोड़ों रुपए का चूना लगाने वाले रियल लाइफ ‘रिक्की बहल’ को मीरा-भायंदर, वसई-विरार पुलिस आयुक्तालय की क्राइम ब्रांच यूनिट (जोन १) ने उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा शहर से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी का असली नाम अनुजकुमार चंद्रप्रकाश त्रिवेदी है जिसने कभी अजय अग्रवाल और अजय सिंह तो कभी जयप्रकाश गुप्ता बनकर देश भर में २५ से ज्यादा महिलाओं को शादी के जाल में फंसाकर करोड़ों रुपए की ठगी को अंजाम दिया। आरोपी खासकर तलाकशुदा, विधवा, असहाय और शारीरिक रूप से अक्षम महिलाओं को अपना निशाना बनाता था। अनुजकुमार ने मार्च २०१९ में अपना नाम अजय अग्रवाल बताकर एक ४५ वर्षीय महिला के साथ विवाह किया। लखनऊ में फ्लैट खरीदने और दुमंजिला मकान बनाने का बहाना बनाकर आरोपी ने महिला को अपना फ्लैट ८२ लाख रुपए में बेचने पर मजबूर कर दिया और बिक्री से अर्जित पूरी रक्कम हड़प ली। इसके बाद एक सोची-समझी साजिश के तहत आरोपी अपनी ‘पत्नी’ को रिश्तेदार के घर विवाह समारोह में शामिल होने के बहाने २२ फरवरी २०२२ को दिल्ली ले गया। दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचने के बाद आरोपी ने महिला के १५ लाख रुपए मूल्य के सोने के आभूषण ले लिए और उसे धोखे से मुंबई जाने वाली ट्रेन में बिठाकर कर फरार हो गया।
करोड़ों की ठगी, रिकवरी के नाम पर सिर्फ एक कार!
क्राइम ब्रांच यूनिट ने अनुज कुमार को २४ मई को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद ट्रांजिट रिमांड और पुलिस कस्टडी के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। सूत्रों के अनुसार, कुछ वर्षों पहले तक अनुज कुमार एक सिक्युरिटी एजेंसी चलाता था और ठगी द्वारा अर्जित पैसों से उसने कथित रूप से ग्रेटर नोएडा में शानदार कोठी और विद्यालय सहित कई व्यवसाय शुरुर कर लिए। सूत्रों के अनुसार, अनुज कुमार के उत्तर प्रदेश के किसी विधायक से पारिवारिक संबंध हैं। लेकिन पुलिस ने उसके पास से सिर्फ एक फर्जी आधार कार्ड, ३ मोबाईल फोन और एटीएम कार्ड के अलावा एक बीएमडब्ल्यू कार बरामद की है, जिसके चलते ठगी की शिकार महिलाओं और उनके परिवारों को उनके खोए हुए पैसे मिलने की उम्मीदों पर सवालिया निशान लग चुका है। ज्ञात हो कि मामलों में उसका २७ वर्षीय बेटा प्रखर अनुज कुमार त्रिवेदी भी कथित रूप से शामिल पाया गया है। पुलिस ने प्रखर को भी इन मामलों में सह-आरोपी बनाया है।
