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झांकी: छोटे सुलतान बनाम राज्यपाल

अजय भट्टाचार्य

एक बड़े राज्य में चुनाव पूर्व राज्यपाल बदलने की अटकलें हैं। लंबे समय से लोकभवन में प्राणप्रतिष्ठित राज्यपाल को पद छोड़ने के लिए तमाम लोलीपॉप दिए जा रहे हैं, लेकिन राज्यपाल कुर्सी छोड़ने को तैयार नहीं। राज्यपाल जिस राज्य में हैं और मूलत: जिस राज्य के हैं, दोनों राज्यों में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। खबर है कि छोटे सुलतान से बनती नहीं है इसलिए १० साल पहले उन्हें उनके राज्य का मुख्यमंत्री पद छोड़ना पड़ा था। वर्तमान में प्रदेश राज्यपाल और मुख्यमंत्री में गजब का एका है जो छोटे सुलतान को नहीं भाता। मुख्यमंत्री और राज्यपाल बनाम छोटे सुल्तान में त्रिकोणीय जंग जारी हैं। बचने, बचाने और ठिकाने लगाने का खेल शुरू हो गया है। राज्यपाल की ताकत बड़े सुल्तान में निहित है।
बाजार अफीम की खेती नहीं
छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर के कलाकेंद्र मैदान में एक साल तक मीना बाजार लगाया जाता है। मेले के पूर्व संचालक और महापौर का कथित ऑडियो वायरल होने के बाद बवाल मच गया है। इसमें संचालक यह कहते सुने जा रहे हैं कि उन्होंने प्रस्ताव पास कराने के लिए पहले ही तीन लाख रुपए दिए थे। बावजूद इसके उन्हें कलाकेंद्र ग्राउंड में मेला लगाने की अनुमति नहीं मिली। रकम वापस करने की मांग पर मेयर की ओर से बाद में मिलने की बात कही जाती है। ऑडियो में संचालक कह रहा है कि भाजपा जिला अध्यक्ष को वह एक लाख रुपए देने गया था, लेकिन उन्होंने मुंह पर फेंक कर चार लाख रुपए मांगे। वो इतना पैसा नहीं दे पाएगा। कलाकेंद्र मैदान में उसे बाजार लगाना है, अफीम की खेती नहीं करनी है। दिए गए पैसे वापस मांगने पर महापौर ने कहा कि अभी वह किसी प्रोग्राम में हैं। वह उनके घर चला जाए, घर वालों को वह फोन कर देंगी और दिया गया पैसा लौटा देंगे।
शाला प्रवेशोत्सव और एसी
अगले हफ्ते गुजरात सरकार स्कूलों में दाखिले के लिए तीन दिन का `शाला प्रवेशोत्सव’ आयोजित करेगी। अलग-अलग जिलों में अधिकारियों और मंत्रियों की ड्यूटी लगाई गई है। सरकारी दफ्तरों में चहल-पहल कम रहेगी। शिक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इस साल सिर्फ संख्या पर नहीं, बल्कि गुणवत्ता पर ध्यान दिया जाएगा। लेकिन गर्मी और उमस भरे मौसम की वजह से कई लोग काफी परेशान हैं। एक भाजपा नेता के अनुसार, मंत्रियों और अधिकारियों, दोनों के लिए ही एसी केबिन से बाहर निकलना मुश्किल है।
(लेखक वरिष्ठ पत्रकार एवं स्तंभकार हैं तथा व्यंग्यात्मक लेखन में महारत रखते हैं।)

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