मुख्यपृष्ठस्तंभस्कैम्स एंड स्कैंडल्स: प्रधानमंत्री के किले में ‘रूबी गेट' का सुराख!

स्कैम्स एंड स्कैंडल्स: प्रधानमंत्री के किले में ‘रूबी गेट’ का सुराख!

श्रीकिशोर शाही

(बुंगा बुंगा-१८)

पुलिस स्टेशन से रूबी को छुड़ाने के लिए सिल्वियो बर्लुस्कोनी ने जो फोन कॉल किया था, उसकी गूंज केवल उस रात के अंधेरे तक सीमित नहीं रही। वह कॉल इटली के पुलिस रिकॉर्ड में आधिकारिक रूप से दर्ज हो चुका था और वहां से न्यायपालिका के कुछ ईमानदार अधिकारियों के जरिए धीरे-धीरे मीडिया के हाथों तक पहुंच गया। जैसे ही यह खबर बाहर आई, मानो पूरे यूरोप की राजनीति में एक भयानक भूकंप आ गया। अक्टूबर २०१० में इटली के प्रमुख अखबारों ने बर्लुस्कोनी के इस खौफनाक राज को पहले पन्ने पर छाप दिया।
इस घटना को पूरी दुनिया की मीडिया ने ‘रूबी गेट’ का नाम दिया। यह कोई आम राजनीतिक भ्रष्टाचार का मामला नहीं था, यह एक ऐसा घिनौना सेक्स स्कैंडल था, जिसने इटली की सत्ता के सबसे काले पन्नों को सरेआम नीलाम कर दिया। अखबारों में विला सैन मार्टिनो के बंद दरवाजों के पीछे चलने वाली उन ‘बुंगा बुंगा’ पार्टियों की एक-एक गंदी डिटेल छपने लगी। इटली की जनता यह पढ़कर सन्न थी कि उनका ७४ वर्षीय प्रधानमंत्री एक १७ साल की नाबालिग लड़की पर भारी कैश और हीरे-जवाहरात लुटा रहा था। इसके बाद सड़क से लेकर संसद तक बवाल मच गया। जो बर्लुस्कोनी कल तक इटली का ‘मसीहा’ और अजेय शूरवीर माना जाता था, वह अब दुनियाभर की नजरों में एक अय्याश और अपराधी बन चुका था। विपक्षी दलों ने तत्काल उनके इस्तीफे की मांग शुरू कर दी और पूरे देश में महिलाओं ने बर्लुस्कोनी के खिलाफ विशाल प्रदर्शन किए। बर्लुस्कोनी का अपना मीडिया साम्राज्य भी अब इस भयंकर बदनामी को ढंकने में नाकाम साबित हो रहा था। ‘रूबी गेट’ ने उस अभेद्य किले की दीवार में एक ऐसा सुराख कर दिया था, जहां से इटली के न्यायतंत्र को सीधे प्रधानमंत्री की गर्दन तक पहुंचने का रास्ता मिल गया था।
(शेष अगले अंक में)

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