-अमेरिका से डील करके सीधे कहां पहुंचा ईरानी दल?
सूफी खान
अमेरिका धमकी देता रह गया, लेकिन दुनिया के अहमतरीन समुद्री रास्ते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर उसकी दाल नहीं गली। अब हकीकत ये है कि स्विट्रजरलैंड में अमेरिका से बात करने गया ईरानी डेलिगेशन अब सीधे वहां से ओमान पहुंच गया है। ईरान ने स्ट्रेटऑफ होर्मुज के मैनेजमेंट को लेकर सीधे ओमान से बात शुरू कर दी है। ईरान और ओमान को ही ६० दिनों बाद होर्मुज संभालना है। होर्मुज का एक सिरा ईरान की तरफ और होर्मुज का दूसरा सिरा ओमान की तरफ है।
जंग से पहले ईरान ने होर्मुज को कभी डिस्टर्ब नहीं किया, लेकिन उस पर हमला कर सुप्रीम लीडर का कत्ल करके, इस्लामिक रेवोल्यूशन के बड़े नेता और कमांडर मार के, मिनाब में १६८ मासूम बच्चियों की हत्या करके कोई होर्मुज छोड़ने के लिए कह रहा है और ईरान मान जाए, ऐसा मुमकिन नहीं। यही वजह रही कि ईरानी डेलिगेशन सीधे ओमान पहुंच गया। ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक से आगे की रूपरेखा पर विचार-विमर्श किया गया। अब तो कमाने का टाइम आया है। ईरान के दुश्मनों ने उसे दुनिया के तेल-गैस कारोबार की कमजोर नब्ज थमा दी है। अब ईरान जब चाहेगा, तब उसे दबा देगा। ईरान का डेलिगेशन ओमान के साथ होर्मुज पर धांसू कमाई की स्कीम शेयर कर रहा है।
ईरान का टोल टैक्स वसूली वाला प्लान कई देशों को पसंद नहीं आ रहा था कि होर्मुज से रोज गुजरने वाले जहाजों से ईरान टोल चार्ज ले तो अब ईरान ने इसका भी हल निकाला है। वो टोल टैैक्स नहीं, बल्कि सर्विस फीस लेने का प्लान बना चुका है। ईरान ओमान के साथ मिलकर एक नया सिस्टम बना रहा है। इस सिस्टम के तहत जहाजों से नेविगेशन, सुरक्षा और अन्य सेवाओं के बदले फीस ली जाएगी। फीस उन सेवाओं के लिए होगी, जो ईरान और ओमान मिलकर मुहैया कराएंगे। इनमें नेविगेशन सपोर्ट, सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन, समुद्री सुरक्षा और प्रदूषण की स्थिति में पर्यावरण संरक्षण जैसी सेवाएं शामिल हैं। होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह ईरान और ओमान के क्षेत्रीय जलक्षेत्र में स्थित है। इसलिए दोनों देशों को अंतर्राष्ट्रीय समुद्री कानून के तहत इसके प्रबंधन का अधिकार हासिल है।
जंग शुरू होने से पहले हर दिन १२० से १४० जहाज होर्मुज स्ट्रेट से गुजरते थे। इनमें लगभग आधे तेल टैंकर होते थे, जो रोजाना करीब २ करोड़ बैरल तेल लेकर दुनिया के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचते थे। अब अमेरिका और बाकी कुछ भी कहते रहें, लेकिन ईरान अपना काम अंजाम दे रहा है और होर्मुज में अपने अरब पार्टनर ओमान के साथ मिलकर डंके की चोट पर अपने प्लान को आगे बढ़ा रहा है। अमेरिका और बाकी अरब देश लकीर पीटते रह गए और ईरान होर्मुज पर अपना शिकंजा मजबूत कर चुका है।
