-दोस्ती, मोहब्बत का ड्रामा फिर ब्लैकमेलिंग
-१५ लाख की डिमांड करने वाली महिला के खिलाफ एफआईआर दर्ज
सामना संवाददाता / मुंबई
हाईप्रोफाइल महिला द्वारा एक व्यापारी के साथ पहले दोस्ती कर, फिर प्यार के जाल में फंसाकर ब्लैकमेलिंग करने का मामला प्रकाश में आया है। महिला ने अपनी साथी महिला के साथ इमोशनली साजिश रच कर व्यापारी से पहले १० लाख रुपए ऐंठ लिए। इसके बाद महिला ने अपना असली रूप दिखाना शुरू किया और झूठे आरोपों में फंसाने की धमकी शुरू की और १५ लाख रुपए की डिमांड की। नहीं देने पर पीड़ित के आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने का थ्रेट शुरू किया। आखिरकार, महिला की धमकियों से तंग आकर पीड़ित ने इस मामले में पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज करवाई है।
मिली जानकारी के मुताबिक विरार में रहनेवाले ४६ वर्षीय व्यापारी योगेश जयानंद तिया का टूर्स एंड ट्रैवल्स का बिजनेस है। साल २०२३ में एक महिला उनके संपर्क में आई और पहले जान-पहचान बनाकर दोस्ती की। साजिश के मुताबिक, महिला ने प्यार का जाल बिछाकर व्यापारी को अपनी तरफ आकर्षित किया। शिकायत के मुताबिक, महिला ने पीड़ित से यह कहकर पैसे लेने शुरू कर दिए कि उसके पति का देहांत हो गया है और उसे पैसों की सख्त जरूरत है। पीड़ित ने हमदर्दी में साल २०२४ में आहिस्ता आहिस्ता कर महिला आरोपी को १० से १२ लाख रुपए दिए। शिकायकर्ता के मुताबिक, आरोपी महिला ने उक्त रकम यह कहकर ली थी कि हालात ठीक होते ही वह सारे पैसे लौटा देगी, लेकिन यह एक महिला की चाल थी। कुछ वक्त गुजरा तो आरोपी महिला का असली रूप सामने आ गया और पीड़ित को ब्लैकमेलिंग करने लगी, यह कहकर १५ लाख रुपए की डिमांड करने लगी कि उसके पास उसके आपत्तिजनक वीडियो और फोटो हैं, जिसे वह वायरल कर देगी। धमकी का सिलसिला चल ही रहा था कि इस बीच दूसरी एक और महिला का फोन आने लगा। वह भी थ्रेट करने लगी और १० लाख रुपए मांगने लगी। पीड़ित योगेश को समझते देर नहीं लगी कि महिला ने प्यार का नाटक रचकर एक्सटॉर्शन के जाल में फंसा लिया है। इस तरह का अहसास होती ही पीड़ित ने बोलिंज पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज करवाई है। पुलिस ने पूरे मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
हमदर्दी बनी मुसीबत
व्यापारी ने महिला की आर्थिक परेशानी पर भरोसा कर १० से १२ लाख रुपए की मदद की थी। आरोप है कि बाद में उसी भरोसे का फायदा उठाकर महिला ने कथित तौर पर ब्लैकमेलिंग शुरू कर दी और आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने की धमकी देकर लाखों रुपये की मांग करने लगी।
