मुख्यपृष्ठसमाचारभाभा अस्पताल फिर विवादों में!

भाभा अस्पताल फिर विवादों में!

-मरीज तड़पता रहा, स्टाफ छुट्टे पैसों पर अड़ा रहा

सामना संवाददाता / मुंबई

मुंबई के उपनगरीय इलाके कुर्ला स्थित मनपा द्वारा संचालित भाभा अस्पताल से एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है, जहां पर महज छुट्टे पैसे होने के बावजूद कुछ छुट्टे पैसों के लिए अस्पताल का कर्मचारी मरीज के परिजनों से बहस करता हुआ पाया गया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में अस्पताल प्रशासन और स्टाफ की उस संवेदनहीनता को दिखाया गया है, जहां रात के वक्त इमरजेंसी में आए मरीजों और उनके रिश्तेदारों से खुले पैसे न होने पर बहस की गई। पीड़ित परिवारों का आरोप है कि जब मरीज जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा होता है, तब अस्पताल का स्टाफ इलाज शुरू करने या जरूरी पर्ची काटने के लिए छुट्टा पैसों की जिद पर अड़ा रहता है।
आज के डिजिटल दौर में भी इमरजेंसी काउंटरों पर या कार्ड पेमेंट की उचित व्यवस्था न होना या स्टाफ द्वारा उसे स्वीकार न करना सबसे बड़ी लापरवाही है।रात के २ या ३ बजे अचानक दुर्घटना या बीमारी की स्थिति में कोई भी रिश्तेदार छुट्टा पैसा ढूंढने नहीं निकलेगा। ऐसे समय में खुले पैसों के लिए इलाज में देरी करना मरीज की जान जोखिम में डालना है। वीडियो में दिख रहे परिजनों का कहना है कि गुहार लगाने के बावजूद वहां मौजूद कर्मचारी मदद करने के बजाय बहस करने में समय गंवाते हैं।
यह पहली बार नहीं है जब कुर्ला का भाभा हॉस्पिटल चर्चा में आया है। इससे पहले भी इस अस्पताल से जुड़ी कई शिकायतें सामने आ चुकी हैं। कई बार बड़ी दुर्घटनाओं के समय यह अस्पताल मरीजों को सायन हॉस्पिटल रेफर कर देता है क्योंकि यहाँ वेंटिलेटर, आईसीयू या जरूरी मशीनों की कमी रहती है।अस्पताल परिसर में चलने वाली डायग्नोस्टिक लैब्स और जांच केंद्रों द्वारा आधी रात को भी टेस्ट के लिए हजारों रुपयों की मांग की जाती है, जिससे गरीब मरीज बेहद परेशान होते हैं।

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