-८८ फीसदी निर्माण के बाद भी जमीन नहीं…अधर में लटका उद्घाटन का सपना
जेदवी / मुंबई
मुंबई में जोगेश्वरी से कांजुरमार्ग तक प्रस्तावित मेट्रो-६ परियोजना का ८८ प्रतिशत काम पूरा होने के बावजूद भूमि विवादों ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। तीन प्रमुख स्थानों पर जमीन से जुड़े मसले अब भी अनसुलझे हैं, जिससे वर्ष २०२७ तक परियोजना पूरी करने का दावा सवालों के घेरे में आ गया है।
परियोजना के तहत जोगेश्वरी के प्रस्तावित श्याम नगर स्टेशन, कांजुरमार्ग के जोगेश्वरी-विक्रोली लिंक रोड (जेवीएलआर) और पूर्वी द्रुतगति महामार्ग (ईईएच) जंक्शन पर अधूरे वायाडक्ट तथा कांजुरमार्ग में प्रस्तावित कारशेड के लिए भूमि उपलब्ध न होना सबसे बड़ी अड़चन बना हुआ है।
श्याम नगर स्टेशन के प्रवेश और निकास के लिए निर्धारित लगभग ३५० वर्गमीटर भूमि पर झोपड़पट्टियों का अतिक्रमण है। वायाडक्ट और प्लेटफॉर्म की संरचना तैयार होने के बावजूद अतिक्रमण हटाने और आवश्यक सरकारी मंजूरियां नहीं मिलने से स्टेशन भवन का निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। दूसरी ओर, जेवीएलआर-ईईएच जंक्शन पर मेट्रो के ऊंचे मार्ग का एक हिस्सा अधूरा पड़ा है। यहां आठ खंभों के निर्माण के लिए करीब १,७०० वर्गमीटर भूमि की जरूरत है, लेकिन यह जमीन कई दशक पुराने कानूनी विवाद में फंसी हुई है।
एमएमआरडीए के अनुसार, इन तीनों स्थानों पर पिछले तीन वर्षों से भूमि अधिग्रहण के प्रयास जारी हैं। इस दौरान यह भी सामने आया कि संबंधित भूखंड ‘नो डेवलपमेंट जोन’ में आता है। शुरुआत में करीब ५,००० वर्गमीटर भूमि को आरक्षण से मुक्त करने का प्रस्ताव राज्य सरकार के पास भेजा गया था, लेकिन सरकार ने इसे नामंजूर कर केवल स्टेशन के लिए आवश्यक लगभग १,३५० वर्गमीटर भूमि के अधिग्रहण और डी-रिजर्वेशन की अनुमति देने को कहा।
विवाद खत्म, फिर भी जमीन नहीं
कांजुरमार्ग में प्रस्तावित कारशेड के लिए सॉल्ट-पैन भूमि को लेकर राज्य सरकार, केंद्र सरकार और एक निजी डेवलपर के बीच वर्षों से चला आ रहा विवाद इस वर्ष मार्च में समाप्त हो गया था, लेकिन इसके बावजूद मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) को अब तक जमीन का वास्तविक कब्जा नहीं मिल पाया है।
