-मनिका ने पूछा कि चयन के लिए किस अवधि की रैंकिंग और प्रदर्शन को आधार बनाया गया।
नई दिल्ली। मनिका बत्रा ने एशियन गेम्स टीम से बाहर किए जाने पर चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि अपने २० साल के करियर में उन्होंने चयन और गैर-चयन दोनों को स्वीकार किया है, लेकिन बिना स्पष्ट कारण बताए बाहर किया जाना स्वीकार्य नहीं है। विश्व रैंकिंग में ५१वें स्थान पर होने के बावजूद उन्हें चयन से वंचित किया गया, जबकि उन्होंने हाल के समय में कई शीर्ष एशियाई खिलाड़ियों को हराया है। मनिका ने पूछा कि चयन के लिए किस अवधि की रैंकिंग और प्रदर्शन को आधार बनाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि चयन में वोटिंग हुई है तो खिलाड़ियों को यह जानने का अधिकार है कि निर्णय किसने और किन मानदंडों पर लिया। उन्होंने चयन समिति की योग्यता और संभावित पक्षपात पर भी सवाल उठाए। मनिका ने प्रधानमंत्री और खेल मंत्री से हस्तक्षेप की मांग की है तथा संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
