मुख्यपृष्ठनए समाचारनिकृष्ट कोयले से ठप पड़ रहे बिजली संयंत्र?

निकृष्ट कोयले से ठप पड़ रहे बिजली संयंत्र?

-विधानसभा में गूंजा मुद्दा

-सरकार ने भी मानी हकीकत

सुनील ओसवाल / मुंबई

महाराष्ट्र में बढ़ती बिजली की मांग के बीच बिजली उत्पादन केंद्रों में बार-बार आ रही तकनीकी खराबियों और यूनिट बंद होने के मामलों ने विधानसभा में गंभीर चिंता पैदा कर दी है। कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने आरोप लगाया कि राज्य के कई ताप बिजलीघरों को निकृष्ट गुणवत्ता का कोयला मिल रहा है, जिसके कारण उत्पादन प्रभावित हो रहा है और महंगे रखरखाव का बोझ भी बढ़ रहा है। उन्होंने ऐसे कोयला आपूर्तिकर्ताओं को तत्काल ब्लैकलिस्ट करने की मांग की।
विधानसभा में तारांकित प्रश्न के माध्यम से यह मुद्दा उठाते हुए वडेट्टीवार ने कहा कि गर्मियों के दौरान बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर तक पहुंची, लेकिन इसी दौरान महाजेनको के कई संयंत्रों में तकनीकी गड़बड़ियां सामने आर्इं। उनका आरोप था कि निम्न गुणवत्ता वाले कोयले के कारण बॉयलर और अन्य उपकरणों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है, जिससे बार-बार उत्पादन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा जैसे संवेदनशील क्षेत्र में इस तरह की लापरवाही गंभीर चिंता का विषय है और दोषी कंपनियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
इस मुद्दे पर जवाब देते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्वीकार किया कि राज्य को आपूर्ति किए जा रहे कुछ कोयले की गुणवत्ता अपेक्षा के अनुरूप नहीं है और इसका असर बिजली उत्पादन पर पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में केंद्रीय कोयला मंत्री के साथ बैठक की गई है और कोयले की सैंपलिंग और गुणवत्ता जांच को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने की मांग केंद्र के समक्ष रखी गई है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि भविष्य में जारी होने वाली कोयला आपूर्ति की निविदाओं में ऐसी कंपनियों के लिए सख्त शर्तें लागू की जाएंगी, जो निम्न गुणवत्ता का कोयला देकर व्यवस्था का दुरुपयोग करती हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि नई व्यवस्था में गुणवत्ता से समझौता करने वालों को मौका नहीं दिया जाएगा।
हालांकि, विपक्ष का कहना है कि जब सरकार स्वयं यह स्वीकार कर रही है कि राज्य को निकृष्ट गुणवत्ता का कोयला मिल रहा है, तब यह सवाल भी उठता है कि अब तक ऐसे आपूर्तिकर्ताओं के खिलाफ ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हुई। विपक्ष ने मांग की कि केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जिम्मेदारी तय कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए, ताकि बिजली उत्पादन और उपभोक्ताओं के हितों पर कोई असर न पड़े।
घटिया कोयले पर विधानसभा में हंगामा
कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने आरोप लगाया कि निकृष्ट गुणवत्ता के कोयले से महाजेनको के संयंत्रों में बार-बार तकनीकी खराबियां आ रही हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी गुणवत्ता संबंधी समस्या स्वीकार करते हुए दोषी आपूर्तिकर्ताओं पर सख्त शर्तें और कार्रवाई का आश्वासन दिया।

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