-लखनऊ आग्निकांड में जिंदा बचे भुवन ने रो-रोकर बताया खौफनाक मंजर
लखनऊ के अलीगंज कोचिंग में हुए अग्निकांड प्रकरण में जो ७ लोग खिड़की के जरिए बाहर आए थे, उनमें से एक युवक का नाम भुवन श्रीवास्तव भी है। लेकिन कई लोगों की किस्मत उनके जितनी अच्छी नहीं थी। उसके कई साथी आग की लपटों से नहीं निकल पाए। भुवन ने रोते हुए कहा कि हादसे में जिन लोगों की जान चली गई उनके परिवारों को एक-एक करोड़ रुपए की सहायता राशि मिलनी चाहिए।
भुवन श्रीवास्तव ने बताया कि जिस वक्त बिल्डिंग में आग लगी वो खुद भी वहां मौजूद था। ये आग बिल्डिंग में चल रही पेट शॉप में लगी थी, जिसके बाद तेजी से ऊपर की ओर बढ़ने लगी और चारों तरफ धुआं भर गया, जिसके बाद सब अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। वो पाइप के सहारे नीचे उतरा था। लेकिन उसके साथी वहीं फंसे रह गए। कोचिंग सेंटर में जब आग लगी, उस मंजर को याद करते हुए अब भी भुवन का मन सिहर उठता है। भुवन के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। उन्होंने रोते हुए कहा, `२२ तारीख को जो आग लगी थी, उसमें मैं बच गया मेरी टीम के १५-१६ लोग मर गए। नीचे पेट शॉप पर आग लगी थी। हम लोगों को कोई बचाने नहीं आया था, हम पाइप के सहारे उतरे।’
सरकार से ‘₹१-१ करोड़ की मदद की मांग
भुवन ने हाथ जोड़ते हुए अपील करते हुए कहा कि मेरी सरकार से सिर्फ एक ही दरकार है कि जितने लोग मर गए, उनके माता-पिता को एक-एक करोड़ रुपए दे दें प्लीज, सब २०-२२ साल के थे। वो तो वापस नहीं आएंगे। लेकिन, प्लीज उनको एक-एक करोड़ देकर मदद कर दीजिए।’
