सामना संवाददाता / मुंबई
मनपा द्वारा नाला सफाई, मैनहोल मरम्मत और सड़कों की दुरुस्ती को लेकर किए जा रहे दावों की पोल उस समय खुल गई, जब निरीक्षण दौरे के दौरान महापौर रितु तावड़े के सामने ही मनपा का एक अधिकारी खुले मैनहोल में गिर पड़ा। इस घटना ने मनपा की तैयारियों और प्रशासनिक दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ऐसे में खुले मैनहोल और नालों पर आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर अब चिंता बढ़ गई है।
विडंबना यह रही कि एक ओर महापौर मनपा की नाला सफाई और सड़क मरम्मत कार्यों की समीक्षा कर रही थीं, वहीं दूसरी ओर उनके सामने ही मनपा का अधिकारी खुले मैनहोल में गिर गया। इस घटना ने मनपा के दावों की वास्तविकता उजागर कर दी है।
माटुंगा क्षेत्र में बारिश के बाद जलभराव और नाला सफाई कार्यों का जायजा लेने के लिए महापौर रितू तावड़े अधिकारियों के साथ निरीक्षण कर रही थीं। इसी दौरान उनके साथ चल रहा एक मनपा अधिकारी सड़क पर जमा पानी के कारण खुले मैनहोल का अंदाजा नहीं लगा सका और अचानक उसमें जा गिरा। घटना के बाद मौके पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद नागरिकों और पुलिसकर्मियों ने तुरंत दौड़ लगाकर अधिकारी को सुरक्षित बाहर निकाला। गनीमत रही कि इस हादसे में अधिकारी को कोई गंभीर चोट नहीं आई। माटुंगा के कई इलाकों में भारी जलभराव की स्थिति बनी हुई है। कई स्थानों पर मैनहोल खुले होने और सड़कों पर पानी जमा होने से गड्ढे तथा नाले दिखाई नहीं दे रहे हैं। विपक्षी दलों ने इस घटना को लेकर प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा है कि यदि अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के आधिकारिक दौरे के दौरान भी ऐसी घटनाएं हो सकती हैं, तो बारिश के मौसम में आम मुंबईकरों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा। रहा था, वह अधिकारी बैरिकेडिंग कॉन्क्रोस करके गया। अच्छी बात यह रही कि किसी प्रकार की अनहोनी नहींr हुई।
