मुख्यपृष्ठस्तंभकहानी अनकही : एक छाते ने बदली जिंदगी!

कहानी अनकही : एक छाते ने बदली जिंदगी!

सना खान

बरसात का मौसम था। स्कूल की छुट्टी हुई तो सभी बच्चे अपने-अपने घर जाने लगे। कुछ के माता-पिता उन्हें लेने आए थे, कुछ रिक्शे में बैठ गए। लेकिन एक लड़का, आर्यन, स्कूल के गेट पर खड़ा बारिश रुकने का इंतजार कर रहा था। उसके पास छाता नहीं था। तभी उसने देखा कि स्कूल का चौकीदार अपने पुराने से छाते के साथ खड़ा है।
‘बेटा, घर नहीं जाना?’ उसने पूछा। ‘बारिश रुक जाए तो जाऊंगा’ आर्यन ने जवाब दिया। तभी स्कूल के चौकीदार ने बिना कुछ कहे अपना पुराना छाता उसके हाथ में दे दिया और बोला, ‘तुम चले जाओ, मैं यहीं हूं।’ वह खुद साधारण जीवन जीता था, लेकिन उसका दिल बहुत बड़ा था। आर्यन ने मना किया, लेकिन चौकीदार नहीं माना। वह छाता लेकर घर चला गया। अगले दिन वह छाता लौटाने पहुंचा तो पता चला कि चौकीदार रात में तेज बारिश में भीग गया था और तबीयत खराब होने के कारण अस्पताल में भर्ती है। आर्यन उसे देखने गया। चौकीदार मुस्कुराया और बोला, ‘छाता ठीक से काम आया न?’ आर्यन की आंखें भर आर्इं। चौकीदार ने मुस्कुराते हुए कहा, ‘बेटा, जब भी मौका मिले, किसी और की मदद जरूर करना। अच्छाई कभी छोटी नहीं होती।’ अस्पताल से लौटते समय आर्यन पूरे रास्ते चुप था। उसे बार-बार वही बात सोचने पर मजबूर कर रही थी कि एक ऐसा व्यक्ति, जिसके पास खुद बहुत कम था, उसने बिना सोचे-समझे अपनी सबसे जरूरी चीज किसी और को दे दी। उस दिन आर्यन ने पहली बार समझा कि अमीरी सिर्फ पैसे से नहीं, दिल से भी होती है। वर्षों बाद जब वह बड़ा अधिकारी बना, तो एक समारोह में उससे पूछा गया, ‘आपको जीवन में सबसे बड़ी सीख किसने दी?’ उसने जवाब दिया, ‘एक ऐसे इंसान ने, जिसका नाम शायद किसी को याद नहीं होगा। उसने मुझे सिखाया कि इंसान की पहचान उसके पद से नहीं, उसके दिल से होती है।’ उस दिन सभागार तालियों से गूंज उठा। कुछ लोग जिंदगी में बड़े काम नहीं करते, लेकिन छोटी-छोटी अच्छाइयों से किसी की पूरी सोच बदल देते हैं।

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