उमेश गुप्ता / वाराणसी
स्वामी सहजानंद सरस्वती किसान महासभा के तत्वावधान में किसान आंदोलन के जनक महान स्वतंत्रता सेनानी स्वामी सहजानंद सरस्वती की 76वीं पुण्यतिथि के अवसर पर सायं 6 बजे श्रद्धांजलि सभा एवं किसान अधिकार संवाद का आयोजन स्वामी सहजानंद किसान महासभा के राष्ट्रीय महासचिव एवं किसान नेता विनय शंकर राय “मुन्ना” के अध्यक्षता में हुआ। विनय राय “मुन्ना” ने कहा कि अन्न दाता किसानों के हक-अधिकार के लिये संघर्षनात्मक एवं सृजनात्मक कार्य ही स्वामी सहजानंद सरस्वती के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। सभा में वाराणसी के किसानो के व्यापक हित में संघर्षनात्मक एवं सृजनात्मक कार्य करने एवं स्वामी सहजानन्द सरस्वतीजी के गौरवशाली इतिहास को पुनः एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम में शामिल कराने हेतु निर्णायक अन्दोलन का सर्वसम्मत से संकल्प लिया गया ।
स्वामी सहजानन्द सरस्वती जी अन्न दाता रोटी देने वाले किसान को धरती का साक्षात भगवान मानते थे। स्वामीजी वेद, उपनिषद, पुराण,गीता इत्यादि ग्रंथों का अध्ययन करते हुए हिन्दू धर्म के सारे तीर्थ एवं मन्दिरों में भगवान को खोजे लेकिन उनको भगवान के रूप में साक्षात अन्न दाता ही दिखायी दिया जिस किसान को ही अपना अराध्य मानकर किसान के हक अधिकार हेतु आजीवन संघर्ष किये। किसानों के हक में जमींदारी प्रथा को बिहार से उखाड़ फेंकने का पुनीत कार्य स्वामी जी ने किया । किसानो ने क्रान्तिकारी योद्धा सन्यासी स्वामी सहजानंद सरस्वती को पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धान्जली दिया।
कार्यक्रम का संचालन उदय पटेल एवं धन्यवाद ज्ञापन प्रेम साव ने किया, किसान अधिकार संवाद में प्रमुख रूप से विजय नरायण वर्मा, रमेश पटेल, विजय गुप्ता, अवधेश प्रताप, गौरव पटेल, चंदन पटेल, दिनेश पटेल , रमेश, मदन पटेल, उमाशंकर पटेल, सुजीत पटेल, नीतीश पटेल, सोनू पटेल, अजीत पटेल, नीरज पटेल, नीतीश आदि सैकड़ों किसान शामिल थे।
