सामना संवाददाता / बाराबंकी
रामनगर थाना क्षेत्र में शुक्रवार दोपहर दर्दनाक हादसा हो गया। भैंस चराने गए दो नाबालिग बच्चे भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए सुमली नदी में नहाने उतरे, लेकिन गहरे पानी में चले जाने से दोनों की डूबकर मौत हो गई। सूचना पर पुलिस, प्रशासन और स्थानीय गोताखोरों ने रेस्क्यू अभियान चलाया। दोनों शवों को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रामनगर थाना क्षेत्र के करसा कला गांव के पास स्थित सुमली नदी में यह हादसा शुक्रवार दोपहर हुआ। जानकारी के अनुसार, पुरैना निवासी अर्पित (11) पुत्र सियाराम और रतनपुर निवासी अतुल (13) पुत्र दयाराम सुबह घर से भैंस चराने निकले थे।
दोपहर में तेज गर्मी के बीच जब भैंसें नदी में उतरकर नहाने लगीं, तो दोनों बच्चे भी नदी में नहाने चले गए। शुरुआत में वे किनारे के उथले पानी में थे, लेकिन खेलते-खेलते गहरे हिस्से में पहुंच गए और डूबने लगे।
अन्य बच्चों ने मचाया शोर
नदी में मौजूद अन्य बच्चों ने दोनों को डूबते देखा तो शोर मचाया। सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। देखते ही देखते नदी किनारे बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई और बच्चों की तलाश शुरू कर दी गई।
गोताखोरों ने चलाया रेस्क्यू अभियान
घटना की सूचना पर सबसे पहले पीआरबी-112 की टीम पहुंची। इसके बाद रामनगर थाना पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से राहत एवं बचाव अभियान शुरू कराया। काफी मशक्कत के बाद पहले एक बच्चे को नदी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। करीब एक घंटे बाद दूसरे बच्चे का शव भी बरामद कर लिया गया।
अधिकारियों ने किया मौके का निरीक्षण
घटना की जानकारी मिलते ही उपजिलाधिकारी आनंद कुमार तिवारी, तहसीलदार विपुल सिंह, क्षेत्राधिकारी गरिमा पंत, थाना प्रभारी अरुण प्रताप सिंह और चौकी प्रभारी रजनीश कुमार पांडेय मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर हरसंभव सहायता का भरोसा दिया।
सरकारी सहायता दिलाने की प्रक्रिया शुरू
तहसीलदार विपुल सिंह ने बताया कि दोनों बच्चों की मृत्यु नदी में डूबने से हुई है। नियमानुसार सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जा रही है।वहीं, क्षेत्राधिकारी गरिमा पंत ने बताया कि दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस आवश्यक विधिक कार्रवाई कर रही है।
