अनिल मिश्र / पटना
किलकारी बिहार बाल भवन, गया जी में प्रत्येक रविवार आयोजित होने वाले कार्यक्रम “संडे का फंडा” के अंतर्गत इस सप्ताह बच्चों ने अपनी मनमोहक सूफी संगीत की प्रस्तुतियों से सभी का दिल जीत लिया। कार्यक्रम की शुरुआत लोक संगीत प्रशिक्षिका सुश्री श्वेता कुमारी एवं उनके प्रशिक्षुओं द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुई, जिसने पूरे वातावरण को भक्तिमय एवं सांस्कृतिकमय बना दिया। इसके उपरांत बच्चों ने प्रसिद्ध सूफी गीत “छाप तिलक सब छीनी रे…” सहित अनेक लोकप्रिय सूफी रचनाओं का गायन प्रस्तुत कर उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम का निर्देशन एवं संगीत संयोजन शास्त्रीय संगीत प्रशिक्षक संदीप कुमार सिन्हा ने किया। उनकी देखरेख में बच्चों ने आत्मविश्वास एवं मधुर स्वर के साथ शानदार प्रस्तुति दी। संगत कलाकार के रूप में गया जिले के सुप्रसिद्ध तबला वादक एवं किलकारी बिहार बाल भवन के तबला प्रशिक्षक दिनेश कुमार मउआर ने अपनी उत्कृष्ट तबला वादन से कार्यक्रम को और भी प्रभावशाली बना दिया।किलकारी बिहार बाल भवन, गया जी में रविवार को आयोजित साप्ताहिक कार्यक्रम “संडे का फंडा” बच्चों की शानदार सांगीतिक प्रस्तुतियों के कारण यादगार बन गया।
बच्चों की सुर, लय और अभिव्यक्ति ने दर्शकों को भारतीय सूफी संगीत की समृद्ध परंपरा से रूबरू कराया।इस अवसर पर प्रमंडल कार्यक्रम समन्वयक राजीव रंजन श्रीवास्तव ने कहा कि किलकारी बिहार बाल भवन बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा को निखारने के साथ-साथ उन्हें भारतीय कला, संस्कृति और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने का सतत प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि “संडे का फंडा” केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि बच्चों के आत्मविश्वास, मंचीय कौशल और व्यक्तित्व विकास का सशक्त माध्यम है। सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी आकाश कुमार ने कहा कि किलकारी का उद्देश्य बच्चों को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण के साथ-साथ नियमित मंच उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें और भविष्य में राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकें। इस अवसर पर किलकारी बिहार बाल भवन गया जी में प्रमंडल साधनसेवी सोनम कुमारी, सहायक लेखा पदाधिकारी गुड़िया कुमारी सेमत किलकारी के सभी प्रशिक्षक, अभिभावक एवं बच्चे उपस्थित रहे।
