-७ दिन की मोहलत, एनएसयूआई और युवा कांग्रेस ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
-शिक्षा व्यवस्था पर सरकार को घेरा, पेपर लीक से लेकर स्कूलों की बदहाली तक गिनाईं नाकामियां; मंत्री के इस्तीफे की मांग तेज
सुनील ओसवाल / मुंबई
महाराष्ट्र की शिक्षा व्यवस्था को लेकर कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई और युवा कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। दोनों संगठनों ने स्कूल शिक्षा मंत्री दादा भुसे को सात दिन के भीतर इस्तीफा देने का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि यदि उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार कर पद नहीं छोड़ा, तो उनके घर के बाहर उग्र आंदोलन और विशाल घेराव किया जाएगा।
मुंबई के तिलक भवन में आयोजित संयुक्त पत्रकार वार्ता में एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष सागर सालुंखे और मुंबई युवा कांग्रेस की अध्यक्ष जीनत शबरीन ने दादा भुसे के कार्यकाल की एक प्रतीकात्मक ‘मार्कशीट’ जारी करते हुए शिक्षा विभाग की विफलताओं का ब्योरा पेश किया। उनका आरोप था कि पेपर लीक, शालार्थ आईडी घोटाला, मराठी स्कूलों के बंद होने की बढ़ती घटनाएं और प्रवेश प्रक्रिया में अव्यवस्था ने शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह चरमरा दिया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह केंद्रीय शिक्षा मंत्री से नैतिक जवाबदेही की मांग उठी थी, उसी तरह दादा भुसे को भी तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। एनएसयूआई ने आरोप लगाया कि राज्य के अधिकांश शिक्षक चुनावी और बीएलओ ड्यूटी में लगाए जाने से स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित हो रही है। संगठन का दावा है कि मुंबई में ८५ से ९० प्रतिशत शिक्षक गैर-शैक्षणिक कार्यों में व्यस्त हैं, जबकि बेरोजगार युवाओं को यह जिम्मेदारी देकर शिक्षकों को कक्षाओं में लौटाया जा सकता है। प्रेस कॉन्प्रâेंस में मेडिकल और तकनीकी शिक्षा विभाग पर भी गंभीर सवाल उठाए गए। नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य में फर्जी नर्सिंग कॉलेजों का जाल पैâल चुका है और छात्रों से भारी रकम वसूली जा रही है।
