मुख्यपृष्ठनए समाचारअब ओडिशा के शिक्षा मंत्री पर संकट...किताबों में गलतियों का अंबार

अब ओडिशा के शिक्षा मंत्री पर संकट…किताबों में गलतियों का अंबार

-न्यूटन को पायलट और हंपी को कोणार्क बताने पर बवाल;

-२००० से ज्यादा गलतियों का दावा

सामना संवाददाता / भुवनेश्वर

ओडिशा के सरकारी स्कूलों की पाठ्यपुस्तकों में भारी संख्या में तथ्यात्मक, भाषाई और संदर्भ संबंधी त्रुटियां सामने आने के बाद राज्य की राजनीति गरमा गई है। बीजू जनता दल के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने स्कूल एवं जनशिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड से इस्तीफे की मांग करते हुए कहा है कि बच्चों को गलत जानकारी देना और शिक्षा व्यवस्था से उनका भरोसा तोड़ना बेहद गंभीर मामला है।
पाठ्यपुस्तकों की जांच में १,६७८ गलतियों की पहचान
कक्षा पहली से आठवीं तक की नई ओड़िया पाठ्यपुस्तकों की जांच में सरकारी स्तर पर १,६७८ गलतियों की पहचान होने की बात सामने आई थी। विपक्ष का दावा है कि अन्य त्रुटियों को जोड़ने पर यह संख्या दो हजार से अधिक हो सकती है। गलतियों में वैज्ञानिक आइजैक न्यूटन को पायलट बताना, कर्नाटक के हंपीr स्मारक की तस्वीर को कोणार्क सूर्य मंदिर के रूप में दिखाना और ‘इक्विनॉक्स’ को ‘इक्वेटर’ बताना शामिल है।
नवीन पटनायक ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में गलतियां केवल प्रूफरीडिंग की चूक नहीं, बल्कि पाठ्यपुस्तक तैयार करने वाली पूरी व्यवस्था की विफलता है। बीजद पिछले कई सप्ताह से मंत्री की जवाबदेही तय करने की मांग कर रही है। कांग्रेस भी इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेर रही है। विवाद बढ़ने के बाद ओडिशा सरकार ने मामले की क्राइम ब्रांच से जांच कराने का आदेश दिया है। पूर्व एससीईआरटी निदेशक मनोज कुमार पाधी को भी मामले में गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि पाठ्यपुस्तकों की तैयारी और प्रकाशन में हुई गड़बड़ियों से सरकारी खजाने को करीब १७५ करोड़ का नुकसान हुआ।
ओडिशा सरकार के मंत्री नित्यानंद गोंड ने त्रुटियों को सुधारकर संशोधित पुस्तकें उपलब्ध कराने की बात कही है।

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