-चुनाव में गठबंधन धर्म नहीं निभाने को लेकर कांग्रेस ने सपा पर साधा निशाना
उमेश गुप्ता / वाराणसी
नगर निगम कार्यकारिणी समिति के छह रिक्त पदों के लिए शुक्रवार को हुए चुनाव में भाजपा ने पांच और समाजवादी पार्टी (सपा) ने एक सीट पर जीत दर्ज की। कांग्रेस का कोई प्रत्याशी निर्वाचित नहीं हो सका। चुनाव में 112 में से 107 मतदाताओं ने मतदान किया और 95.53 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ।
नगर निगम कार्यकारिणी के 12 सदस्यों में से छह सदस्यों का कार्यकाल 27 जून को समाप्त होने के बाद इन पदों के लिए महापौर अशोक कुमार तिवारी की अध्यक्षता में टाउनहाल सभागार में चुनाव कराया गया। छह पदों के लिए आठ प्रत्याशियों ने नामांकन किया था। बाद में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी अमरदेव ने नाम वापस ले लिया।
कांग्रेस प्रत्याशी गुलशन अली के चुनाव मैदान में बने रहने से मुकाबला त्रिकोणीय हो गया। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, यदि विपक्ष संयुक्त रणनीति अपनाता तो सपा के दो सदस्यों के निर्वाचित होने की संभावना थी।
इस चुनाव को लेकर खिन्न महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने कांग्रेस पार्षदगणों संग मैदागिन पार्टी कार्यालय पर शनिवार को पत्रकार वार्ता के माध्यम से नगर निगम वाराणसी की कार्यकारिणी के चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी पर गठबंधन धर्म का पालन न करने का प्रकरण उठाया।इस पूरे प्रकरण के लिए सीधे तौर पर समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष एवं सपा नेता पार्षद दल जिम्मेदार हैं। इन्हीं के द्वारा कांग्रेस पार्टी को लिखित रूप से आगामी कार्यकारिणी चुनाव में समर्थन देने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन चुनाव के समय उसी आश्वासन से पीछे हटकर गठबंधन धर्म का उल्लंघन किया गया।
कांग्रेस महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक दलों के बीच विश्वास, पारदर्शिता और आपसी प्रतिबद्धता का सम्मान सर्वोपरि होता है। वर्ष 2025 के नगर निगम कार्यकारिणी चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने पूरी निष्ठा के साथ समाजवादी पार्टी के प्रत्याशियों का समर्थन किया था, जिसके परिणामस्वरूप समाजवादी पार्टी के पार्षद अमरदेव यादव एवं प्रमोद यादव कार्यकारिणी के सदस्य निर्वाचित हुए थे। उस समय सपा के महानगर अध्यक्ष एवं सपा नेता पार्षद दल द्वारा लिखित आश्वासन दिया गया था कि अगले चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी को पूरा समर्थन दिया जाएगा।इस बार कांग्रेस पार्टी ने अपने अधिकृत प्रत्याशी एवं नेता पार्षद दल गुलशन अंसारी को मैदान में उतारा, लेकिन सपा महानगर अध्यक्ष और सपा नेता पार्षद दल ने अपने ही लिखित वचन से मुकरते हुए गठबंधन धर्म का पालन नहीं किया। इससे गठबंधन की भावना और राजनीतिक नैतिकता को गंभीर आघात पहुँचा है कांग्रेस पार्टी इस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी एवं पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को सौंपेगी और बताएगी कि वाराणसी में समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष एवं सपा नेता पार्षद दल ने लिखित आश्वासन के बावजूद गठबंधन धर्म का पालन नहीं किया।
