राजेश सरकार / प्रयागराज
शनिवार बीती रात जब पूरा इलाका गहरी नींद में था, तब प्रयागराज-बांदा मार्ग पर रफ्तार के कहर से एक हंसते-खेलते परिवार का चिराग बुझ गया। शहर से दिनभर ऑनलाइन सामान की डिलिवरी कर रात को थक-हारकर अपनी बैटरी स्कूटी से घर लौट रहे दो दोस्तों को एक बेलगाम चार पहिया वाहन ने पीछे से इतनी जोरदार टक्कर मारी कि स्कूटी के परखच्चे उड़ गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार, नीबी (लोहगरा) गांव के रहने वाले हीरालाल (28) और सुनील कुमार (28) एक प्राइवेट ब्लैंकेट कंपनी में ऑनलाइन डिलिवरी का काम करते थे। शनिवार रात अपना काम पूरा करने के बाद दोनों दोस्त अपनी बैटरी स्कूटी पर सवार होकर प्रयागराज से वापस अपने गांव लौट रहे थे। देर रात करीब एक बजे जैसे ही वे सेहुड़ा-लोहगरा के पास पहुंचे, पीछे से काल बनकर आ रही एक बेहद तेज रफ्तार कार ने उन्हें रौंद दिया। टक्कर इतनी भयानक थी कि स्कूटी कार के अगले हिस्से में फंस गई और दोनों युवक दूर जाकर सड़क पर गिरे, जिससे वे लहूलुहान हो गए।
अस्पताल में तोड़ा दम, साथी की हालत नाजुक
सड़क पर तड़प रहे युवकों को देखकर स्थानीय राहगीरों ने तुरंत मानवता दिखाई और शंकरगढ़ पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शंकरगढ़ पहुंचाया। वहां हीरालाल की नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल, प्रयागराज के लिए रेफर कर दिया। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था, एसआरएन अस्पताल में उपचार के दौरान हीरालाल ने दम तोड़ दिया। वहीं, दूसरे साथी सुनील कुमार का इलाज अभी भी जारी है और वह गंभीर रूप से चोटिल है।
परिजनों में कोहराम
जैसे ही हादसे की खबर हीरालाल के घर पहुंची, परिजनों में कोहराम मच गया। मां-बाप और रोते-बिलखते परिवार का बुरा हाल है। घायल सुनील कुमार ने अस्पताल में पुलिस को बताया कि वे अपनी साइड से शांति से घर जा रहे थे, तभी पीछे से आई अनियंत्रित कार ने उन्हें टक्कर मारी। इस संबंध में शंकरगढ़ थाना पुलिस का कहना है कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। घटना को अंजाम देकर फरार हुए अज्ञात वाहन और उसके चालक की तलाश के लिए आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
