एम एम एस
न ई मुंबई महानगर परिवहन (एनएमएमटी) के तुर्भे डिपो में खड़ी एक ९-मीटर व्ँश् इलेक्ट्रिक बस में १३ जुलाई की रात आग लग गई, जिसने परिवहन उपक्रम के इलेक्ट्रिक बस बेड़े की सुरक्षा और रखरखाव को लेकर नई चिंताएं बढ़ा दी हैं।
यह बस पिछले चार दिनों से डिपो में खड़ी थी। कुछ ही मिनटों में आग भड़क गई और उसने पूरे वाहन को अपनी चपेट में ले लिया।
हालांकि, सूचना मिलने पर वाशी फायर स्टेशन की एक टीम ने तुरंत इलाके को सुरक्षित किया ताकि लपटें पास में खड़े अन्य वाहनों तक न पैâलें और आग पर काबू पा लिया। वाशी फायर स्टेशन के प्रमुख रोहन कोकाटे के मुताबिक, आग में बस पूरी तरह जल गई। घटना के सटीक कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है और जांच जारी है। लगातार हुई इन आग की घटनाओं ने एनएमएमटी की इलेक्ट्रिक बसों के रख-रखाव के तरीकों, बैटरी सिस्टम, चार्जिंग इंप्रâास्ट्रक्चर और तकनीकी निरीक्षण प्रोटोकॉल की नए सिरे से समीक्षा करने पर मजबूर कर दिया है। परिवहन सूत्रों ने बताया कि उसी जेबीएम बैच की कई इलेक्ट्रिक बसें बार-बार आ रही तकनीकी समस्याओं के कारण सड़कों से बाहर (बंद) हैं, हालांकि एनएमएमटी द्वारा इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। यह घटना कुछ ही दिनों के भीतर ९-मीटर व्ँश् इलेक्ट्रिक बस में आग लगने का दूसरा मामला है। इससे पहले, घनसोली एनएमएमटी डिपो में भी इसी तरह की एक बस में आग लग गई थी, जहां वह भी पूरी तरह से नष्ट हो गई थी। उस मामले में प्रारंभिक आकलन में तकनीकी खराबी या संभावित इलेक्ट्रिकल शॉर्ट सर्किट की ओर इशारा किया गया था, लेकिन अंतिम जांच रिपोर्ट का अभी भी इंतजार है। ताजा आग की यह घटना एनएमएमटी द्वारा अपने बेड़े में ५१ नई सीएनजी बसों को शामिल करने के ठीक दो दिन बाद हुई है।
यात्रियों की मांग और प्रतिक्रिया
दूसरी बार आग लगने के बाद, यात्रियों ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए बैटरी हेल्थ, चार्जिंग सिस्टम, रखरखाव प्रक्रियाओं और समग्र सुरक्षा मानकों सहित पूरे इलेक्ट्रिक बस बेड़े के एक स्वतंत्र तकनीकी ऑडिट की मांग की है।
प्रतीक जाधव कहते हैं, ‘इलेक्ट्रिक बसें सार्वजनिक परिवहन का भविष्य हैं, लेकिन यात्रियों की सुरक्षा सबसे पहले होनी चाहिए। इतने कम समय में आग की दो समान घटनाएं चिंताजनक हैं।’ घनसोली के प्रदीप मुरुडकर का सवाल है, ‘अगर बसों के किसी विशेष बैच में तकनीकी समस्याएं हैं, तो एक पूर्ण सुरक्षा ऑडिट होने तक उन्हें सेवा से क्यों नहीं हटा दिया जाना चाहिए?’ नई मुंबई महानगर परिवहन के बेड़े में कुल २५५ इलेक्ट्रिक बसें हैं। ये सभी बसें वातानुकूलित और बैटरी से चलने वाली हैं। एनएमएमटी केंद्रीय सरकारी योजनाओं के तहत इन बसों का संचालन करती है।
