-मोजतबा खामेनेई की खुली धमकी-हमले नहीं रोके तो अमेरिका को ऐसा सबक देंगे, पीढ़ियां याद रखेंगी
ईरान युद्ध में १६ अमेरिकी सैनिकों की मौत ने ट्रंप प्रशासन को बुरी तरह झकझोर दिया है। अपने जवानों के शव देखकर बौखलाए अमेरिका ने ईरान को दंडित करने के नाम पर नए सिरे से भीषण हवाई हमले शुरू कर दिए हैं। अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरानी सैन्य ठिकानों, मिसाइल अड्डों और रिवोल्यूशनरी गार्ड से जुड़े प्रतिष्ठानों पर रातभर बम बरसाए। वॉशिंगटन ने साफ कर दिया है कि अपने सैनिकों की मौत का हिसाब लिए बिना वह पीछे नहीं हटेगा।
अमेरिकी सेना का दावा है कि ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों में अब तक १६ सैनिक मारे जा चुके हैं, जबकि सैकड़ों जवान घायल हुए हैं। कई सैनिकों को विस्फोट से मस्तिष्क में गंभीर चोटें पहुंची हैं। लगातार बढ़ती मौतों ने अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठान और व्हाइट हाउस दोनों में हड़कंप मचा दिया है। इसके बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सेना को ईरान पर और अधिक घातक हमलों की खुली छूट दे दी।
अमेरिका ने ताजा हमलों को केवल बदले की कार्रवाई नहीं, बल्कि ईरान की सैन्य कमर तोड़ने वाला अभियान बताया है। अमेरिकी बमवर्षकों ने मिसाइल भंडारण केंद्रों, कमांड ठिकानों, रडार सिस्टम और निगरानी अड्डों को निशाना बनाया। अमेरिका का कहना है कि जब तक ईरान की हमला करने की क्षमता पूरी तरह कमजोर नहीं हो जाती, एयर स्ट्राइक जारी रहेंगी।
लेकिन ईरान भी घुटने टेकने को तैयार नहीं है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने सीधे डोनाल्ड ट्रंप को ललकारते हुए कहा कि यदि अमेरिकी हमले नहीं रुके तो अमेरिका को ऐसा सबक सिखाया जाएगा, जिसे वह कभी नहीं भूल पाएगा। उन्होंने ट्रंप के आदेशों और दस्तखतों को बेकार बताते हुए चेतावनी दी कि ईरान अकेला नहीं लड़ेगा, बल्कि उसके सहयोगी संगठन भी अमेरिका के खिलाफ मोर्चा खोलेंगे।
मंडराया महायुद्ध का खतरा
ईरान ने जॉर्डन, कुवैत, बहरीन और खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की तैयारी तेज कर दी है। इससे पूरे पश्चिम एशिया में महायुद्ध का खतरा मंडराने लगा है। सबसे बड़ा संकट होर्मुज जलडमरूमध्य पर है। यहां युद्ध और भड़का तो दुनिया की तेल और गैस आपूर्ति चरमरा सकती है और महंगाई की आग पूरी दुनिया को झुलसा सकती है। अब सवाल यह नहीं कि अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध रुकेगा या नहीं, बल्कि यह है कि अगला हमला कितना विनाशकारी होगा।
जॉर्डन में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत, एक लापता
जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमले में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई, जबकि एक सैनिक लापता है। अमेरिकी सेना ने दोनों मृत सैनिकों की पहचान अभी सार्वजनिक नहीं की है और लापता सैनिक की तलाश जारी है। हमले में चार अन्य सैनिक घायल हुए थे, जिन्हें उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इस घटना के बाद अमेरिका-ईरान तनाव और गहरा गया है।
