-वांगचुक को निजी अस्पताल भेजने से हाई कोर्ट का फिलहाल इनकार
नई दिल्ली। पर्यावरणविद और शिक्षा सुधार कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की सेहत और अस्पताल में कथित हिरासत को लेकर रविवार को दिल्ली हाई कोर्ट में बड़ा घटनाक्रम सामने आया। वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंगमो ने तत्काल याचिका दाखिल कर उन्हें सफदरजंग अस्पताल से परिवार की पसंद के निजी अस्पताल में स्थानांतरित करने की मांग की। हालांकि, अदालत ने फिलहाल कोई अंतरिम राहत देने से इनकार करते हुए वांगचुक का इलाज सफदरजंग अस्पताल में ही जारी रखने का निर्देश दिया है। मामले पर अगली सुनवाई तक मौजूदा चिकित्सा व्यवस्था बरकरार रहेगी।
गीतांजलि ने याचिका में कहा कि परिवार का सफदरजंग अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था और पारदर्शिता से भरोसा उठ गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि वांगचुक को अस्पताल में स्वतंत्र रूप से आने-जाने नहीं दिया जा रहा और उनकी स्वास्थ्य रिपोर्ट तथा इलाज से जुड़ी जरूरी जानकारियां परिवार के साथ साझा नहीं की जा रही हैं। याचिका में इसे कथित ‘अवैध हिरासत’ बताते हुए रविवार को ही तत्काल सुनवाई की मांग की गई थी। इस बीच सफदरजंग अस्पताल प्रशासन ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ऐसे बयान मरीज के इलाज के सुचारु प्रबंधन के अनुकूल नहीं हैं। अस्पताल का दावा है कि वांगचुक को आवश्यक चिकित्सा निगरानी में रखा गया है। बता दें कि सोनम वांगचुक को शनिवार, १८ जुलाई को जंतर-मंतर स्थित अनशन स्थल से सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया था। वह शिक्षा व्यवस्था में सुधार, कथित परीक्षा पेपर लीक और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे सहित विभिन्न मांगों को लेकर करीब तीन सप्ताह से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर थे। अस्पताल में भर्ती होने के बाद भी उन्होंने अनशन जारी रखने की बात कही है।
भूख हड़ताल जारी रहेगी
अस्पताल से जारी संदेश में वांगचुक ने समर्थकों से २० जुलाई के प्रस्तावित ‘संसद चलो’ मार्च में शामिल होने की अपील की। आंदोलनकारियों का कहना है कि वांगचुक को अस्पताल भेजे जाने के बावजूद जंतर-मंतर पर प्रदर्शन और भूख हड़ताल जारी रहेगी।
उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने सुप्रीम कोर्ट पहुंची गीतांजलि
दिल्ली हाई कोर्ट ने रविवार को सोनम वांगचुक को सफदरजंग से प्राइवेट अस्पताल में शिफ्ट करने की मांग वाली उनकी पत्नी गीतांजलि की याचिका खारिज कर दी। अब उन्होंने हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है।
