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कम वर्षा उस पर  बिजली संकट की दोहरी मार से भड़के किसान…बेमियादी धरने पर बैठे

राजेश सरकार / प्रयागराज

यमुनापार के बारा तहसील क्षेत्र में शंकरगढ़ पावर हाउस की बदहाल विद्युत व्यवस्था को लेकर स्थानीय किसानों का आक्रोश सोमवार को फूट पड़ा। क्षेत्र में व्याप्त गंभीर बिजली संकट के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के बैनर तले बड़ी संख्या में किसान तहसील परिसर में एकत्र हुए। मांगें पूरी न होने पर नाराज किसानों ने तहसील परिसर में ही अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। धरने पर बैठे किसानों ने तीखा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि एक ओर किसान पहले से ही प्राकृतिक आपदाओं और मौसम की अनिश्चितता की मार झेल रहा है, वहीं दूसरी ओर बिजली संकट ने उसकी परेशानियों को कई गुना और बढ़ा दिया है। किसानों का कहना है कि बरसात के मौसम में फसलों की सिंचाई, पशुपालन और रोजमर्रा के घरेलू कार्यों के लिए नियमित बिजली अत्यंत आवश्यक है। लेकिन विद्युत विभाग की घोर लापरवाही के चलते ग्रामीण इलाकों में हाहाकार मचा हुआ है।
दर्जनों गांवों में अंधेरा, 24 घंटे में सिर्फ 1-2 घंटे सप्लाई
किसानों का आरोप है कि ओसा और सोनबरसा सहित क्षेत्र के दर्जनों गांवों में पिछले 10 से 15 दिनों से बिजली आपूर्ति पूरी तरह चरमरा गई है। ग्रामीणों को 24 घंटे में केवल एक से दो घंटे ही बिजली मिल पा रही है। रही-सही कसर लो-वोल्टेज पूरी कर देती है। कई बार आने वाली बिजली का वोल्टेज इतना कम होता है कि घरों में बल्ब तक नहीं जल पाते हैं। इससे किसानों की खेती और आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
जमीन छू रहे बिजली के नंगे तार, बेअसर रहीं शिकायतें
आंदोलनकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। किसानों ने बताया कि ग्राम सभा ओसा में कई स्थानों पर बिजली के खुले और हाई वोल्टेज तार लटककर जमीन को छू रहे हैं। इससे गांवों में कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस गंभीर समस्या की सूचना कई बार संबंधित जूनियर इंजीनियर (जेई) को दी गई, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
लाइनमैन नहीं उठाते फोन, चंदा वसूली का आरोप
सौंपे गए ज्ञापन में किसानों ने विद्युत कर्मियों पर भी भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। किसानों का कहना है कि शंकरगढ़ पावर हाउस के लाइनमैन शिकायतों पर उपभोक्ताओं का फोन तक नहीं उठाते हैं। इसके अलावा, किसानों ने गांवों में लाइनमैनों द्वारा काम के नाम पर अवैध चंदा वसूली किए जाने की भी लिखित शिकायत की है।
जेई के माध्यम से जिलाधिकारी को भेजा ज्ञापन
आंदोलन के दौरान किसानों ने मौके पर मौजूद जूनियर इंजीनियर (जेई) अनिल कुमार के माध्यम से जिलाधिकारी (डीएम) प्रयागराज मनीष वर्मा को संबोधित ज्ञापन सौंपा। किसानों ने दोटूक चेतावनी दी है कि जब तक भ्रष्टाचार पर लगाम नहीं लगती, लटकते तारों को ठीक नहीं किया जाता और क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त नहीं किया जाता, तब तक उनका यह अनिश्चितकालीन धरना समाप्त नहीं होगा।

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